जम्मू में कांग्रेस ने मनरेगा के मुद्दे पर दिया धरना, कहा: इसे कमजोर नहीं करने देंगे

जम्मू में कांग्रेस ने मनरेगा के मुद्दे पर दिया धरना, कहा: इसे कमजोर नहीं करने देंगे

जम्मू में कांग्रेस ने मनरेगा के मुद्दे पर दिया धरना, कहा: इसे कमजोर नहीं करने देंगे
Modified Date: January 12, 2026 / 05:23 pm IST
Published Date: January 12, 2026 5:23 pm IST

जम्मू, 12 जनवरी (भाषा) कांग्रेस ने यहां ‘मनरेगा बचाओ’ और ‘हमारी रियासत, हमारा हक’ के बैनर के तहत धरना दिया और कहा कि वह इस ग्रामीण रोजगार योजना में किसी भी तरह की ढील या जम्मू-कश्मीर के अधिकारों से समझौता नहीं होने देगी।

कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों पर रविवार को यहां आयोजित इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी की जम्मू कश्मीर इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मंत्री रमन भल्ला एवं पूर्व मंत्री योगेश साहनी ने किया।

सभा को संबोधित करते हुए भल्ला ने आरोप लगाया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का उद्देश्य सबसे गरीब वर्गों को काम और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है, लेकिन उसे व्यवस्थित रूप से कमजोर किया जा रहा है।

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उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘मनरेगा बचाओ और हमारी रियासत, हमारा हक (हमारा शासन, हमारा अधिकार) लोगों की आजीविका और संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई है। कांग्रेस मनरेगा में किसी भी तरह की ढील या जम्मू-कश्मीर के अधिकारों पर समझौता बर्दाश्त नहीं करेगी।’’

उन्होंने कहा, “मजदूरी भुगतान में देरी, कार्यदिवसों में कमी और पारदर्शिता की कमी ने ग्रामीण परिवारों को बुरी तरह प्रभावित किया है।”

उन्होंने कहा कि पार्टी तब तक अपना आंदोलन जोरशोर से चलायेगी जब तक सरकार इस योजना को उसके मूल स्वरूप में बहाल नहीं करती और समय पर भुगतान एवं पर्याप्त रोजगार सुनिश्चित नहीं करती।

भल्ला ने यह भी कहा कि कांग्रेस संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की कीमत पर शक्तियों के केंद्रीकरण के किसी भी प्रयास का विरोध करती है।

उन्होंने दावा किया कि जम्मू और कश्मीर को पूर्ण अधिकार न दिए जाने से व्यापक असंतोष पैदा हुआ है । उन्होंने कहा कि पार्टी उन नीतियों के खिलाफ जनमत बनाने के लिए आंदोलन जारी रखेगी जो ‘जनविरोधी’ हैं।

साहनी ने कहा कि ‘हमारी रियासत, हमारा हक’ अभियान जम्मू और कश्मीर के लोगों के संवैधानिक अधिकारों और लोकतांत्रिक गरिमा के लिए संघर्ष है।

भाषा राजकुमार मनीषा

मनीषा


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