नयी दिल्ली, 18 जनवरी (भाषा) कांग्रेस ने रविवार को देश भर में जारी अपने अभियान ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की प्रगति की व्यापक समीक्षा की और आम जनता, मनरेगा श्रमिकों और अन्य हितधारकों को सीधे शामिल करके पंचायत स्तर पर संपर्क बढ़ाने का निर्णय लिया।
पार्टी ने संप्रग सरकार के महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को ‘‘निरस्त’’ करने के विरोध में 10 जनवरी को 45 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की शुरुआत की थी।
विपक्षी दल ‘विकसित भारत – जी राम जी’ अधिनियम को वापस लेने और मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग कर रहा है।
कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी नेताओं ने ऑनलाइन समीक्षा बैठक की और कांग्रेस द्वारा पंचायत स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाए जाने का सामूहिक संकल्प लिया।
वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘इसके बाद वार्ड स्तर पर शांतिपूर्ण धरने होंगे, और फिर विधानसभा/लोक भवन घेराव और क्षेत्रीय रैलियां आयोजित की जाएंगी।’’
उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठक में विभिन्न प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, प्रभारी महासचिव और मनरेगा समन्वय समिति के सदस्य शामिल हुए।
वेणुगोपाल ने कहा कि इस आंदोलन को और मजबूत करने के लिए, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 20 जनवरी को उत्तर प्रदेश के रायबरेली में ‘मनरेगा चौपाल’ में भाग लेंगे, ताकि ग्रामीण श्रमिकों के अधिकारों और गरिमा के प्रति कांग्रेस की प्रतिबद्धता को दोहराया जा सके।
भाषा शफीक नेत्रपाल
नेत्रपाल