झारखंड में एक राज्यसभा सीट पर कांग्रेस का अधिकार, झामुमो से इसकी मांग करेंगे: के. राजू

झारखंड में एक राज्यसभा सीट पर कांग्रेस का अधिकार, झामुमो से इसकी मांग करेंगे: के. राजू

झारखंड में एक राज्यसभा सीट पर कांग्रेस का अधिकार, झामुमो से इसकी मांग करेंगे: के. राजू
Modified Date: April 30, 2026 / 02:32 pm IST
Published Date: April 30, 2026 2:32 pm IST

नयी दिल्ली, 30 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी पार्टी अपने सहयोगी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) से इस साल जून में एक राज्यसभा सीट की मांग करेगी क्योंकि दो सीटों में से एक पर उसका अधिकार बनता है।

राजू ने यह भी कहा कि पिछले तीन राज्यसभा चुनावों में राज्य का सत्तारूढ़ गठबंधन सिर्फ एक सीट जीतने की स्थिति में था, इसलिए तीनों बार सीट झामुमो के पास गई, लेकिन इस बार यह गठबंधन दोनों सीट जीतने की स्थिति में है।

राजू ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘इस बार हमारे पास दो सीटों के लिए संख्या बल है, इसलिए हमें एक सीट के लिए अनुरोध करने का अधिकार है। हम जल्द ही (मुख्यमंत्री) हेमंत सोरेन जी से बात करेंगे और एक सीट के लिए अनुरोध करेंगे।’’

इस साल जून में झारखंड से दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होगा। एक सीट झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक शिबू सोरेन के पिछले साल हुए निधन के बाद से रिक्त है तथा दूसरी सीट पर भाजपा के दीपक प्रकाश का कार्यकाल पूरा हो रहा है।

झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन के पास 81 सदस्यीय विधानसभा में 56 विधायक हैं। झामुमो के 34 विधायक हैं तो कांग्रेस 16 विधायकों के साथ गठबंधन का दूसरा सबसे बड़ा घटक है।

राजू ने कांग्रेस और झामुमो के बीच रिश्तों में तल्खी से जुड़े सवाल पर कहा कि पार्टियों के बीच कोई समस्या नहीं है, लेकिन शासन से जुड़े मुद्दों को कांग्रेस उठाती है।

उनका कहना है, ‘‘हेमंत सोरेन जी से हम नियमित रूप से मिलते हैं, समन्वय भी है। जब भी वह विधायकों की बैठक बुलाते हैं, तो एआईसीसी प्रभारी को आमंत्रित करते हैं और मैं वहां जाता हूं। कोई समस्या नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि लोगों के जिन मुद्दों पर प्रशासन न्याय करने में विफल रहता है, उन पर कांग्रेस ने चुप नहीं रहने का फैसला किया है।

राजू ने कहा कि कांग्रेस के ऐसा करने से सरकार के कामकाज को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और गठबंधन के लिए भी अच्छा होगा।

उन्होंने राज्य में होने वाले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विषय पर कहा कि कांग्रेस इस कवायद को ‘‘असंवैधानिक’’ और बहुत सारे लोगों को मताधिकार से वंचित करने की साजिश मानती है, लेकिन वह सुनिश्चित करेगी कि झारखंड में कांग्रेसे समर्थक किसी मतदाता का नाम नहीं कटे।

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि भाजपा एसआईआर के माध्यम से आदिवासी मतदाताओं को विशेष रूप से निशाना बनाना चाहती है क्योंकि उसे इनका समर्थन नहीं मिलता।

कांग्रेस प्रभारी ने कहा, ‘‘हम पिछले छह महीनों से एसआईआर की तैयारी कर रहे हैं। हम हर बूथ पर एक बीएलए नियुक्त कर रहे हैं। ज्यादातार बूथ में यह प्रक्रिया अगले दो हफ्ते में पूरी हो जाएगी। बीएलए के काम और एसआईआर की प्रक्रिया की निगरानी के लिए हर पंचायत में समिति का गठन किया गया है। हम ‘ब्लॉक संवाद’ नामक कार्यक्रम के माध्यम से बीएलए को एसआईआर की प्रक्रिया के बारे में पूरा प्रशिक्षण दे रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि राज्य और जिला स्तर पर ‘एसआईआर समिति’ का गठन किया गया है।

भाषा हक हक संतोष

संतोष


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