मुंबई/पुणे, नौ अप्रैल (भाषा) कांग्रेस ने बारामती विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए बृहस्पतिवार को अपना उम्मीदवार वापस लेते हुए कहा कि यह निर्णय महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति तथा मर्यादा को बनाए रखने के लिए लिया गया है। इस सीट से उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार चुनाव लड़ रहीं हैं।
पार्टी के उम्मीदवार आकाश मोरे ने पुणे जिले के बारामती से अंतिम तिथि से ठीक पहले अपना नामांकन वापस ले लिया।
मोरे ने पत्रकारों से कहा, ‘‘पार्टी नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार, मैंने अपना नामांकन वापस ले लिया है।’’
इस सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान 23 अप्रैल को होगा क्योंकि कई अन्य उम्मीदवार अब भी मैदान में हैं।
मतदान के बाद मतगणना चार मई को होगी।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुंबई में एक प्रेसवार्ता में कहा कि दो महीने पहले एक विमान दुर्घटना में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार की दुखद मृत्यु के मद्देनजर पार्टी ने अपना उम्मीदवार वापस लेने का फैसला किया है।
अजित पवार, सुनेत्रा पवार के पति थे।
राज्य की राजनीतिक संस्कृति, मर्यादा और संवाद को बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया।
सपकाल ने कहा, ‘‘अजित पवार के निधन के बाद उपचुनाव हो रहे हैं, इसलिए हम दो कदम पीछे हट रहे हैं। हालांकि अजित पवार ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी, लेकिन सत्ता के लिए उन्होंने भाजपा से हाथ मिलाया था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस बारामती से अपना नाम वापस ले रही है, लेकिन किसी भी उम्मीदवार का समर्थन नहीं कर रही है।’’
सपकाल ने कहा कि पार्टी के इस फैसले का मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा उनसे निर्विरोध चुनाव कराने के अनुरोध पर बातचीत करने से कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस के नाम वापस लेने के बावजूद चुनाव होंगे क्योंकि 30 से अधिक उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।’’
सपकाल ने कहा कि सुनेत्रा पवार ने उनसे तीन बार बात की थी और पार्टी के उम्मीदवार को वापस लेने के लिए दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात भी की थी।
उन्होंने कहा कि पार्टी 2029 के विधानसभा चुनावों में और भी कड़ी टक्कर के लिए तैयार रहेगी।
सपकाल ने कहा, ‘‘मैं स्पष्ट रूप से कह रहा हूं कि 2029 में बारामती में कांग्रेस का उम्मीदवार होगा और वह निर्वाचित होगा।’’
सपकाल के अनुसार, बारामती में कांग्रेस से जिस मर्यादा की अपेक्षा की जाती है, वही राहुरी विधानसभा उपचुनाव पर भी लागू होनी चाहिए क्योंकि वह चुनाव भी एक वर्तमान सदस्य की मृत्यु के कारण हो रहा है।
अहिल्यानगर जिले की राहुरी सीट पर उपचुनाव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक शिवाजीराव कर्डिले के निधन के कारण जरूरी हो गया था। भाजपा ने दिवंगत विधायक के बेटे अक्षय कर्डिले को मैदान में उतारा है, जबकि विपक्षी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) ने गोविंद मोकाटे को उम्मीदवार बनाया है।
भाषा यासिर माधव
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