145 करोड़ रुपये के नगर निगम-बैंक साठगांठ धोखाधड़ी मामले में ‘साजिशकर्ता’ गिरफ्तार

145 करोड़ रुपये के नगर निगम-बैंक साठगांठ धोखाधड़ी मामले में 'साजिशकर्ता' गिरफ्तार

145 करोड़ रुपये के नगर निगम-बैंक साठगांठ धोखाधड़ी मामले में ‘साजिशकर्ता’ गिरफ्तार
Modified Date: June 1, 2026 / 09:56 pm IST
Published Date: June 1, 2026 9:56 pm IST

नयी दिल्ली, एक जून (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को कहा कि उसने कोटक महिंद्रा बैंक के एक पूर्व अधिकारी को 145 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है।

वह इस मामले का कथित साजिशकर्ता है, जिसमें पंचकूला नगर निगम के अधिकारियों, बैंक कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों ने कथित तौर पर सरकारी धन की हेराफेरी की साजिश रची थी।

एजेंसी ने एक बयान में बताया कि निजी क्षेत्र के इस बैंक के पूर्व डिप्टी उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह को ईडी की चंडीगढ़ जोनल इकाई ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक जून को गिरफ्तार किया।

बयान के मुताबिक, पंचकूला की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने सिंह को नौ जून तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है।

धन शोधन का यह मामला पंचकूला के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा अज्ञात बैंक अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत दर्ज की गई एक प्राथमिकी से जुड़ा है।

ईडी के अनुसार, प्राथमिकी में बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से ‘गहरी और सुनियोजित आपराधिक साजिश’ के जरिए पंचकूला नगर निगम के 145 करोड़ रुपये के कोष के गबन का आरोप लगाया गया है।

केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि उसकी जांच में अब तक ‘नगर निगम अधिकारियों, बैंक अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के एक मजबूत आपराधिक साठगांठ’ का खुलासा हुआ है, जिन्होंने कथित तौर पर सरकारी धन की हेराफेरी करने की साजिश रची थी।

ईडी ने आरोप लगाया कि कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व ग्राहक संबंध प्रबंधक दिलीप कुमार राघव ने सिंह और पंचकूला नगर निगम के पूर्व वरिष्ठ लेखा अधिकारी विकास कौशिक के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर नगर निगम के नाम पर दो बैंक खाते खोले थे।

भाषा सुमित वैभव

वैभव


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