हैदराबाद, 23 अगस्त (भाषा) तेलंगाना की वन मंत्री कोंडा सुरेखा की बेटी द्वारा मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी व अन्य नेताओं के खिलाफ की गई टिप्पणियों को लेकर खड़ा हुआ विवाद गहराता जा रहा है। सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायकों ने इस मामले में मंत्री से माफी की मांग की है।
कांग्रेस विधायक विजय रमन राव ने कहा कि सुरेखा अपनी बेटी की टिप्पणियों से खुद को अलग नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा कि दोनों को मुख्यमंत्री से माफी मांगनी चाहिए।
इस बीच, सुरेखा ने प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि कांग्रेस के कई नेता और जनप्रतिनिधि उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ हो रही बयानबाजी और आलोचना के पीछे जो लोग शामिल हैं, समिति को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
सुरेखा ने कहा, ‘‘यह चिंता का विषय है कि जब बीसी (पिछड़े वर्ग) समुदाय की एक वरिष्ठ महिला नेता के खिलाफ सामूहिक रूप से टिप्पणी की जा रही है तब पार्टी नेतृत्व चुप है।’’
कांग्रेस के कई विधायकों और विधान परिषद सदस्यों ने शुक्रवार को पार्टी नेतृत्व से आग्रह किया था कि सुरेखा की बेटी द्वारा मुख्यमंत्री रेड्डी और अन्य नेताओं के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर ‘‘सख्त कार्रवाई’’ की जाए।
कांग्रेस विधायक वेमुला वीरेशम ने शुक्रवार को कहा था, ‘‘कोंडा सुरेखा ने अनुशासन समिति को दिए अपने जवाब में उल्लेख किया है कि उनका (अपनी बेटी की टिप्पणियों से) कोई लेना-देना नहीं है। यदि आपका इससे कोई संबंध नहीं है, तो आपने इन टिप्पणियों की निंदा क्यों नहीं की? जब आप मुख्यमंत्री के साथ सामूहिक रूप से काम कर रही हैं। हम पूछना चाहते हैं कि क्या ऐसी टिप्पणियों का खंडन करना आपकी जिम्मेदारी नहीं है?’’
तेलंगाना कांग्रेस की अनुशासन समिति ने 19 अगस्त को सुरेखा को नोटिस जारी कर उनकी बेटी सुष्मिता द्वारा मुख्यमंत्री रेड्डी के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा था।
सुरेखा ने 20 अगस्त को दिए अपने जवाब में कहा था कि उनकी बेटी द्वारा की गई टिप्पणियों पर उनसे स्पष्टीकरण मांगना अनुचित है।
उन्होंने कहा कि बेटी की टिप्पणियों के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।
सुरेखा ने कांग्रेस नेतृत्व और पार्टी के अनुशासन के प्रति अपने सम्मान को दोहराते हुए अनुशासन समिति से अनुरोध किया कि वह इस बात को स्वीकार करे कि उनकी बेटी ने जो कुछ भी कहा, उसमें उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
भाषा खारी वैभव
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