(Pradhan Mantri Mudra Yojana/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: Pradhan Mantri Mudra Yojana: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में छोटे कारोबारियों और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की थी। इनमें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana) भी प्रमुख है। इस योजना का मकसद छोटे कारोबार शुरू करने या उन्हें आगे बढ़ाने के लिए आसान तरीके से कर्ज उपलब्ध कराना है। मुद्रा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 20 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है। लोन की ब्याज दर संबंधित बैंक, ऋणदाता या लागू RBI नियमों के अनुसार तय होती है।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना को चार श्रेणियों (Pradhan Mantri Mudra Yojana) में बांटा गया है। पहली श्रेणी शिशु है, जिसमें 50 हजार रुपये तक का लोन मिलता है। दूसरी किशोर श्रेणी में 50 हजार रुपये से अधिक और 5 लाख रुपये तक का कर्ज दिया जाता है। तीसरी तरुण श्रेणी में 5 लाख से अधिक और 10 लाख रुपये तक का लोन मिलता है। वहीं, तरुणप्लस के तहत 10 लाख से अधिक और 20 लाख रुपये तक का कर्ज दिया जाता है।
सरकार ने साल 2024 में मुद्रा योजना के तहत तरुणप्लस श्रेणी शुरू की थी। इसका उद्देश्य उन कारोबारियों को अधिक वित्तीय मदद देना है, जिन्होंने पहले तरुण श्रेणी का लोन लिया और उसे सफलतापूर्वक चुकाया है। योजना की खास बात यह है कि इन श्रेणियों के तहत लोन के लिए आम तौर पर किसी गारंटी या जमानत की जरूरत नहीं होती। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि बिना जांच के लोन मिल जाएगा। बैंक आवेदक की पात्रता, दस्तावेज, कारोबार और लोन चुकाने की क्षमता को देखते हुए फैसला करता है।
मुद्रा लोन का इस्तेमाल कई छोटे कारोबारों (Pradhan Mantri Mudra Yojana) के लिए किया जा सकता है। इसमें दुकान खोलना, सर्विस सेंटर, छोटे मैन्युफैक्चरिंग कारोबार, व्यापार और ट्रांसपोर्ट जैसे काम शामिल हैं। इसके अलावा डेयरी, पोल्ट्री और मधुमक्खी पालन जैसी कृषि से जुड़ी गतिविधियों के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। लोन का उपयोग कारोबार की कार्यशील पूंजी और जरूरी मशीनरी या अन्य व्यावसायिक खर्चों के लिए किया जा सकता है।
मौजूद आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 तक शिशु श्रेणी के तहत 9.02 लाख करोड़ रुपये, किशोर के तहत 6.22 लाख करोड़ रुपये और तरुण श्रेणी के तहत 1.09 लाख करोड़ रुपये के लोन वितरित किए गए। इनमें महिलाओं और अल्पसंख्यक लाभार्थियों को भी बड़ी मात्रा में कर्ज मिला। मुद्रा लोन बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, स्मॉल फाइनेंस बैंकों, NBFC और माइक्रोफाइनेंस संस्थानों के माध्यम से लिया जा सकता है।