हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ को लेकर विवाद; कांग्रेस, भाजपा का एक-दूसरे पर आरोप

हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ को लेकर विवाद; कांग्रेस, भाजपा का एक-दूसरे पर आरोप

हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ को लेकर विवाद; कांग्रेस, भाजपा का एक-दूसरे पर आरोप
Modified Date: August 12, 2026 / 10:35 pm IST
Published Date: August 12, 2026 10:35 pm IST

देहरादून, 12 अगस्त (भाषा) हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आठ अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान को लेकर बुधवार को भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक घमासान शुरू हो गया।

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि जिस ‘श्री राम सेना’ संगठन ने यह ‘शुद्धिकरण’ किया, वह भाजपा से जुड़ा है। हालांकि, भाजपा ने इस आरोप का खंडन किया।

गोदियाल ने दावा किया कि यह अनुष्ठान इसलिए किया गया क्योंकि खरगे दलित समुदाय से आते हैं। उन्होंने भाजपा पर जाति के नाम पर समाज में बंटवारा करने का आरोप लगाया।

इस अनुष्ठान को मानवता के खिलाफ अपराध बताते हुए गोदियाल ने दावा किया कि इससे ‘‘कांग्रेस और भाजपा की विचारधारा में बुनियादी अंतर’’ स्पष्ट होता है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने दक्षिणपंथी संगठन के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की।

वहीं, भाजपा ने ‘श्री राम सेना’ से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया और कांग्रेस पर राजनीतिक फायदे के लिए पार्टी की छवि खराब करने का आरोप लगाया।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री खजान दास ने दावा किया कि रामलीला मैदान में खरगे की रैली के दौरान कुछ ऐसे नारे लगाए गए जिनसे सनातन समुदाय की भावनाएं आहत हुईं।

उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान धार्मिक महत्व की जगह है और वहां किसी दूसरे धर्म से जुड़े नारे लगाने से लोग नाराज हुए।

भाषा शफीक रमण

रमण


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