करुवन्नूर घनशोधन मामले में माकपा, उसके नेताओं के खिलाफ अदालत ने आरोप-पत्र स्वीकार किया
करुवन्नूर घनशोधन मामले में माकपा, उसके नेताओं के खिलाफ अदालत ने आरोप-पत्र स्वीकार किया
कोच्चि, छह जून (भाषा) यहां की एक अदालत ने शनिवार को त्रिशूर के करुवन्नूर सर्विस कोऑपरेटिव बैंक से जुड़े धनशोधन मामले में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और उसके कई नेताओं सहित 29 आरोपियों के खिलाफ दाखिल पूरक आरोपपत्र को स्वीकार कर लिया।
धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) मामलों के लिए विशेष अदालत के न्यायाधीश, सबरीनाथन पी. ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा माकपा और त्रिशूर के कई पार्टी नेताओं के खिलाफ दाखिल पूरक आरोप पत्र को स्वीकार कर लिया।
यह मामला करुवन्नूर सर्विस कोऑपरेटिव बैंक द्वारा जारी किए गए फर्जी ऋणों के माध्यम से लगभग 180 करोड़ रुपये के कथित धनशोधन से संबंधित है।
ईडी ने शुरू में 55 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
एजेंसी ने मई 2025 में माकपा, लोकसभा सदस्य के. राधाकृष्णन, विधायक ए.सी. मोइदीन, माकपा के पूर्व त्रिशूर जिला सचिव एम.एम. वर्गीज और कई स्थानीय और क्षेत्रीय समिति सचिवों सहित 29 और व्यक्तियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया।
इस मामले में ईडी ने अब तक 128 करोड़ रुपये की संपत्ति और परिसंपत्तियां जब्त की हैं।
ईडी और आरोपियों के वकील की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने शनिवार को पूरक आरोपपत्र स्वीकार कर लिया।
अदालत ने पूरक आरोपपत्र में नामित लोगों को समन जारी करने का फैसला किया और उन्हें चार जुलाई को पेश होने का निर्देश दिया।
इस मामले में कुल 83 आरोपियों में से दो ने सरकारी गवाह बनकर गवाही दी है, जबकि दो अन्य की मौत हो चुकी है।
भाषा प्रशांत दिलीप
दिलीप

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