Jhalawar Minor Girls Trafficking Case: डांस बार में नौकरी का देते थे लालच, फिर नाबालिग बच्चियों को गंदे धंधे में धकेलता था गिरोह, पुलिस ने किया खुलासा तो उड़ गए सबके होश

Jhalawar Minor Girls Trafficking Case: झालावाड़ में अंतरराज्यीय मानव तस्करी और देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़।

Jhalawar Minor Girls Trafficking Case: डांस बार में नौकरी का देते थे लालच, फिर नाबालिग बच्चियों को गंदे धंधे में धकेलता था गिरोह, पुलिस ने किया खुलासा तो उड़ गए सबके होश

Jhalawar Minor Girls Trafficking Case/Photo Credit: IBC24

Modified Date: June 6, 2026 / 05:11 pm IST
Published Date: June 6, 2026 3:55 pm IST
HIGHLIGHTS
  • झालावाड़ में अंतरराज्यीय मानव तस्करी और देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़
  • पुलिस ने 10 लड़कियों को मुक्त कराया, जिनमें 7 नाबालिग बच्चियां शामिल हैं
  • मुंबई के डांस बार में नौकरी का झांसा देकर बच्चियों को देह व्यापार में धकेला जाता था

जयपुर। Jhalawar Minor Girls Trafficking Case: देश के बड़े बड़े शहरों में देह व्यापार का धंधा तेजी से फैल रहा है। महानगरों के साथ-साथ अब यह कारोबार कस्बों और औद्योगिक इलाकों तक भी पहुंच चुका है। इसी बीच राजस्थान की झालावाड़ पुलिस ने अंतरराज्यीय मानव तस्करी और देह व्यापार से जुड़े संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 लड़कियों को गिरोह से मुक्त कराया है। इनमें सात नाबालिग हैं।

Jhalawar Minor Girls Trafficking Case बताया जा रहा है कि झालावाड़ और बूंदी के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की नाबालिग बच्चियों को मुंबई के डांस-बारों में काम दिलाने के बहाने चयन करते थे। इन सभी को देह व्यापार के लिए धकेल जा रहा था। जिसके झालावाड़ पुलिस और मुंबई पुलिस के सहयोग इस रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर 10 लड़कियों को बरामद किया है। इनमें 7 नाबालिग हैं।

Jhalawar Minor Girls Trafficking Case पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने 10 लड़कियों में 7 ​लड़कियां नाबालिग पाई गई है। जिनको किसी तरह फर्जीवाड़ा करके बालिग बनाया गया। दो लड़की है जिनकी दस्तावेज नहीं मिली और एक बच्ची है जो बालिग पाई गई है। इस पूरे मामले में पांच लोग अभी तक अरेस्ट किए जा चुके हैं और एक मुंबई से अरेस्ट किया गया है। वहीं तीन लोग मुंबई के जेल में ही बंद है। एसपी ने बताया कि अनुसंधान के दौरान पता चला कि गिरोह का नेटवर्क झालावाड़, बूंदी, टोंक, ग्वालियर और मुंबई तक फैला था। मुंबई पुलिस से मिले इनपुट के बाद संयुक्त अभियान चलाया गया। अलग अलग राज्यों में छापेमारी कर इन लड़कियों को मुक्त कराया गया।

गरीब परिवारों को लालच देता था एजेंट

Jhalawar Minor Girls Trafficking Case एसपी ने बताया कि स्थानीय एजेंट गरीब परिवारों से संपर्क करता था और फिर उनकी नाबालिग बच्चियों को मुंबई के डांस बार में काम दिलाने के बहाने 25 से 35 लाख रुपए में सौदा कर देते थे। बाद में उन्हें दलालों को सौंप देते थे। दूसरे स्तर पर दलाल महानगरों के सक्रिय एजेंट से संपर्क कर उन्हें बेच दिया करते थे। सक्रिय एजेंट के पास जाने के बाद इन लड़कियों को डांस बार एवं देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया जाता था।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.