यूट्यूब ‘गुरुजी का आश्रम ट्रस्ट’ की ‘मानहानि’ करने वाले वीडियो हटाए : अदालत

यूट्यूब ‘गुरुजी का आश्रम ट्रस्ट’ की ‘मानहानि’ करने वाले वीडियो हटाए : अदालत

यूट्यूब ‘गुरुजी का आश्रम ट्रस्ट’ की ‘मानहानि’ करने वाले वीडियो हटाए : अदालत
Modified Date: January 25, 2026 / 07:29 pm IST
Published Date: January 25, 2026 7:29 pm IST

नयी दिल्ली, 25 जनवरी (भाषा)दिल्ली की एक अदालत ने यूट्यूब को ‘गुरुजी का आश्रम ट्रस्ट’ के खिलाफ कथित तौर पर मौजूद मानहानिकारक वीडियो को दो दिनों के भीतर हटाने का निर्देश दिया है।

अदालत ने पाया कि सामग्री प्रथम दृष्टया अपमानजनक थी और ट्रस्ट की प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति पहुंचा सकती थी।

जिला न्यायाधीश सचिन मित्तल ने एकतरफा अंतरिम निषेधाज्ञा जारी करते हुए ‘मॉलिटिक्स’ नामक यूट्यूब चैनल के संचालकों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों को ट्रस्ट, इसके दिवंगत संस्थापक गुरुजी, इसके न्यासियों या भक्तों के खिलाफ मानहानिकारक सामग्री प्रकाशित करने या प्रसारित करने से रोक लगा दी।

अदालत गुरुजी का आश्रम ट्रस्ट द्वारा दायर एक दीवानी मुकदमे की सुनवाई कर रही थी, जिसमें 15 जनवरी, 2026 को अपलोड किए गए ‘‘जय गुरुजी – फ्रॉड बाब बाई नीरज झा’’ शीर्षक वाले वीडियो पर स्थायी और अनिवार्य प्रतिबंध लगाने और मानहानि के लिए हर्जाना दिलाने का अनुरोध किया गया था।

ट्रस्ट ने आरोप लगाया कि वीडियो और उसके थंबनेल में ‘लूट’, ‘ठगी’, ‘धोखेबाज बाबा’ और ‘बलात्कार’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था।

अदालत ने 17 मिनट का वीडियो देखने के बाद कहा कि थंबनेल और सामग्री वादी और उसके ट्रस्टियों के लिए ‘‘प्रथम दृष्टया अपमानजनक और मानहानिकारक’’ है।

अदालत ने 24 जनवरी को दिये आदेश में कहा, ‘‘मानहानि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाती है। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी प्रतिष्ठा को निर्विवाद रूप से बनाए रखने और संरक्षित करने का अधिकार है। मानहानि का कानून प्रतिष्ठा की रक्षा करता है। किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा, जो उसकी अनमोल संपत्ति है, को हमेशा पैसों में नहीं मापा जा सकता।’’

ट्रस्ट का प्रतिनिधित्व करते हुए, करंजावाला एंड कंपनी के वरिष्ठ साझेदार संदीप कपूर ने दलील दी थी कि वीडियो में ‘गुरुजी’ और उनके वैश्विक अनुयायियों की प्रतिष्ठा को धूमिल करने के उद्देश्य से अपमानजनक टिप्पणियां की गई हैं।

भाषा धीरज नरेश

नरेश


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