न्यायालय ने झूठी शान की खातिर हत्या के मामले में आरोपी को अदालत से मिली जमानत रद्द की

न्यायालय ने झूठी शान की खातिर हत्या के मामले में आरोपी को अदालत से मिली जमानत रद्द की

न्यायालय ने झूठी शान की खातिर हत्या के मामले में आरोपी को अदालत से मिली जमानत रद्द की
Modified Date: November 29, 2022 / 08:29 pm IST
Published Date: July 12, 2021 6:46 am IST

नयी दिल्ली, 12 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने झूठी शान की खातिर हत्या के मामले में एक आरोपी को राजस्थान उच्च न्यायालय से दी गई जमानत रद्द कर दी। मामला 2017 का है जिसमें केरल के एक युवक की कथित तौर पर अन्य जाति की राजस्थानी युवती से विवाह करने पर हत्या कर दी गई थी।

प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने मारे गए युवक अमित नायर के साले एवं आरोपी मुकेश चौधरी को निचली अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने को कहा।

न्यायालय ने मुकेश की जमानत रद्द करने का आदेश उसकी बहन ममता नायर की याचिका पर दिया है। ममता ने अपने माता-पिता की मर्जी के खिलाफ अगस्त 2015 में अमित से विवाह किया था। अमित जयपुर की रहने वाली ममता के भाई मुकेश का मित्र था।

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दो साल बाद, मई 2017 में ममता के माता-पिता जीवनराम चौधरी और भगवानी देवी ने अपने दामाद अमित नायर की कथित तौर पर जयपुर में हत्या करने की साजिश रची। पुलिस ने बताया कि ममता के माता-पिता एक अज्ञात व्यक्ति के साथ उसके घर में घुस आए और उस व्यक्ति ने अमित को गोली मारी। उनका एक अन्य साथी बाहर खड़ी कार में उनका इंतजार कर रहा था।

अमित की मां रमा देवी ने जयपुर में 17 मई 2017 को हत्या, आपराधिक साजिश रचने समेत भारतीय दंड संहिता की अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करवाई थी।

भाषा

मानसी शाहिद

शाहिद


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