अदालत ने ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ की रिलीज के खिलाफ लॉरेंस बिश्नोई की याचिका पर सुनवाई बंद की

अदालत ने 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' की रिलीज के खिलाफ लॉरेंस बिश्नोई की याचिका पर सुनवाई बंद की

अदालत ने ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ की रिलीज के खिलाफ लॉरेंस बिश्नोई की याचिका पर सुनवाई बंद की
Modified Date: April 27, 2026 / 01:57 pm IST
Published Date: April 27, 2026 1:57 pm IST

नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ की रिलीज के खिलाफ गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई द्वारा सोमवार को दायर याचिका पर कार्यवाही यह कहते हुए बंद कर दी कि ओटीटी मंच जी5 को वृत्तचित्र सीरीज रिलीज नहीं करने की केंद्र की सलाह के मद्देनजर इस मामले में कुछ भी शेष नहीं रह गया है।

न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि जब तक केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी सलाह को रद्द नहीं किया जाता, तब तक निर्माता वृत्तचित्र को रिलीज नहीं कर सकते।

याचिकाकर्ता के वकील ने आशंका जतायी कि वृत्तचित्र को किसी अन्य रूप में, जैसे पात्रों के नाम बदलकर, रिलीज किया जा सकता है, इस पर न्यायमूर्ति कौरव ने कहा कि याचिकाकर्ता उस स्थिति में उचित कानूनी कदम उठा सकता है।

अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील से मौखिक तौर पर कहा, ‘‘जब भी वे कुछ करेंगे, आप हमेशा वापस रुख कर सकते हैं। आज जब तक सलाहों को रद्द नहीं किया जाता, वे रिलीज़ नहीं कर सकते।’’

ओटीटी मंच की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने कहा कि वे केंद्र द्वारा 23 और 24 अप्रैल को जारी की गई तीन सलाहों को सक्षम अदालत में चुनौती दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान याचिका अदालत के समक्ष सुनवाई योग्य नहीं है क्योंकि इस मामले पर अदालत का क्षेत्राधिकार नहीं है।

वरिष्ठ वकील ने कहा, ‘‘हम सलाहों को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में चुनौती देने की प्रक्रिया में हैं क्योंकि यह पंजाब पुलिस से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।’’

वरिष्ठ वकील ने कहा कि केंद्र के कदम को देखते हुए, वर्तमान याचिका का कोई मतलब नहीं है।

अदालत ने आदेश दिया, ‘‘अदालत ने पाया कि याचिका में उठाया गया मुद्दा निरर्थक हो गया है। जारी की गई सलाहों को देखते हुए, अदालत का मानना ​​है कि प्रतिवादी संभवत: ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ की सामग्री जारी नहीं करेगा। याचिकाकर्ता को प्रतिवादी की ओर से उक्त सलाहों को चुनौती देने की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने या कोई अन्य उचित कदम उठाने की स्वतंत्रता दी जाती है। याचिका का निपटारा किया जाता है।’’

बिश्नोई (33) वर्तमान में गुजरात की जेल में बंद है, वह कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहा है और गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मुख्य आरोपियों में से एक है।

इससे पहले, पंजाब पुलिस ने केंद्र को पत्र लिखकर जी5 को बिश्नोई पर बनी वृत्तचित्र सीरीज का प्रसारण नहीं करने का निर्देश देने का आग्रह किया था, क्योंकि पुलिस का कहना था कि इससे सार्वजनिक व्यवस्था को गंभीर खतरा है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव को लिखे पत्र में पंजाब पुलिस के साइबर अपराध विभाग ने यह भी कहा कि इस तरह की सामग्री की उपलब्धता से युवाओं के प्रभावित होने और आपराधिक या गैंगस्टरों से संबंधित गतिविधियों की ओर आकर्षित होने का खतरा बढ़ जाता है।

केंद्र ने 24 अप्रैल को जी5 को भेजे पत्र में ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ को रिलीज नहीं करने की सलाह दी थी।

भाषा अमित मनीषा अविनाश

अविनाश


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