ED-EOW Raid in Chhattisgarh: भारतमाला प्रोजेक्ट मुआवाजा घोटाला मामले में ईडी-ईओडब्ल्यू की एक साथ दबिश, भूपेंद्र चंद्राकर और गोपाल गांधी सहित इनके ठिकानों पर चल रही जांच
ED-EOW Raid in Chhattisgarh: भारतमाला प्रोजेक्ट मुआवाजा घोटाला मामले में ईडी-ईओडब्ल्यू की एक साथ दबिश, भूपेंद्र चंद्राकर और गोपाल गांधी सहित इनके ठिकानों पर चल रही जांच
ED-EOW Raid in Chhattisgarh: भारतमाला प्रोजेक्ट मुआवाजा घोटाला मामले में ईडी-ईओडब्ल्यू की एक साथ दबिश, भूपेंद्र चंद्राकर और गोपाल गांधी सहित इनके ठिकानों पर चल रही जांच / Image: AI Generated
रायपुर: ED-EOW Raid in Chhattisgarh भारतमाला प्रोजेक्ट में मुआवजे की को लेकर आज ईडी और ईओडब्ल्यू की टीम ने कई आरोपियों के ठिकानें पर दबिश दी है। बताया जा रहा है कि ईडी ने अभनपुर में एक साथ तीन जगहों पर दबिश दी है। वहीं ईओडब्ल्यू की टीम ने कुरुद में रेड मारी है। फिलहाल अधिकारियों की टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है। बता दें कि भारतमाला प्रोजेक्ट में आरोपियों ने जमीन अधिग्रहण के दौरान अपने करीबियों को करोड़ों रुपए का मुनाफा पहुंचाया है।
ईडी ने गोपाल गांधी के ठिकानों पर दी दबिश
ED-EOW Raid in Chhattisgarh मिली जानकारी के अनुसार ईडी की टीम ने गोपाल गांधी के नायकबांधा मार्ग स्थित आवास सहित रायपुर और धमतरी मार्ग पर स्थित दो दुकानों दो दुकानों पर एक सााि दबिश दी है। ईडी के अधिकारियों ने सुबह 6 बजे ही गोपाल गांधी के घर का दरवाजा खटखटाया है। फिलहाल अधिकारियों की टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है और तलाशी अभियान भी जारी है।
भूपेंद्र चंंद्राकर के आवार पर ईओडब्ल्यू का छापा
दूसरी ओर ईओडब्ल्यू के 10 अधिकारियों ने भूपेंद्र चंद्राकर के ठिकानों पर दबिश दी है। 10 अधिकारियों की टीम ने भूपेंद्र चंद्राकर सरोजनी चौक स्थित घर पर दबिश दी है। भूपेंद्र चंंद्राकर पर आरोप है कि भारतमाला प्रोजेक्ट में कुरुद, अभनपुर, पाटन, राजनांदगांव समेत कई तहसीलों में गड़बड़ी की है। दुर्ग, पाटन, देवादा (राजनांदगांव) और मगरलोड में भी भूपेंद्र पर करीबियों को मुनाफा पहुंचाने का आरोप है। फिलहाल अधिकारियों की टीम जांच कर रही है। अब देखने वाली बात ये होगी कि आगे मामले में क्या-क्या खुलासे होते हैं।
भारतमाला प्रोजेक्ट में बड़ा घोटाला
बता दें कि बीते दिनों छत्तीसगढ़ में भारत माला परियोजना में भ्रष्टाचार को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ था। इस दौरान विभागीय मंत्री टंकराम वर्मा ने भ्रष्टाचार होने की बात स्वीकार की। विधानसभा में चर्चा के दौरान राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने स्वीकार किया कि भारत माला परियोजना में अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि अधिसूचना जारी होने के बाद रकबे के टुकड़े कर दिए गए। पहले से अधिकृत भूमि का दोबारा भू-अर्जन किया गया। वहीं, अब सरकार ने मामले की EOW जांच के आदेश दिए हैं।
43 करोड़ का घोटाला
ज्ञात हो कि भारत माला प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण मामले में 43 करोड़ का घोटाला हुआ है। जमीन को टुकड़ों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ का भुगतान दिखाया गया। SDM, पटवारी और भू-माफिया के सिंडिकेट ने बैक डेट पर दस्तावेज बनाकर घोटाले को अंजाम दिया।
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