दो दशक पुराने मामले में अदालत का फैसला, जबरन घुसपैठ और मारपीट में दो अधिकारियों को दोषी ठहराया

दो दशक पुराने मामले में अदालत का फैसला, जबरन घुसपैठ और मारपीट में दो अधिकारियों को दोषी ठहराया

दो दशक पुराने मामले में अदालत का फैसला, जबरन घुसपैठ और मारपीट में दो अधिकारियों को दोषी ठहराया
Modified Date: April 19, 2026 / 12:36 am IST
Published Date: April 19, 2026 12:36 am IST

नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने दो दशक से अधिक समय पहले एक छापेमारी के दौरान भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के एक अधिकारी के आवास में जबरन घुसने और उनके साथ मारपीट करने के मामले में दो सीबीअई अधिकारियों को दोषी ठहराया है।

न्यायिक मजिस्ट्रेट शशांक नंदन भट्ट ने सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी वी.के. पांडे और रामनेश के खिलाफ मामले की सुनवाई की। साल 2000 में जब यह छापेमारी हुई थी तब रामनेश पुलिस अधीक्षक के पद पर थे और वर्तमान में वह केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में संयुक्त निदेशक हैं।

अदालत ने 17 अप्रैल के अपने आदेश में कहा, ‘‘19 अक्टूबर 2000 को आरोपियों द्वारा ली गई तलाशी और गिरफ्तारी की पूरी कार्यवाही कानून द्वारा उन्हें दी गई शक्तियों का उल्लंघन थी।’’

उन्होंने कहा कि उस कार्रवाई का एकमात्र उद्देश्य केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण के उस आदेश को निष्प्रभावी करना था, जिसमें शिकायतकर्ता आईआरएस अधिकारी अशोक कुमार अग्रवाल के निलंबन की समीक्षा का निर्देश दिया गया था।

अदालत ने दोनों अधिकारियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाने के लिए मामले को अगली कार्यवाही के लिए सूचीबद्ध किया है।

भाषा

प्रचेता नेत्रपाल

नेत्रपाल


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