आश्रम की जमीन पर कब्जे के खिलाफ आसाराम ट्रस्ट की अपील अदालत ने खारिज की
आश्रम की जमीन पर कब्जे के खिलाफ आसाराम ट्रस्ट की अपील अदालत ने खारिज की
अहमदाबाद, 17 अप्रैल (भाषा) गुजरात उच्च न्यायालय ने 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों से पहले खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए भूमि अधिग्रहण के खिलाफ स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम के अहमदाबाद स्थित आश्रम द्वारा दायर अपीलों को शुक्रवार को उल्लंघन और अतिक्रमण का हवाला देते हुए खारिज कर दिया।
नरेन्द्र मोदी स्टेडियम के पास मोटेरा में स्थित आश्रम जिस 45,000 वर्ग मीटर से अधिक भूमि पर बना है, उसका उपयोग प्रस्तावित सरदार पटेल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लिए किया जाना है।
आश्रम का प्रबंधन करने वाले संत श्री आसाराम ट्रस्ट ने अतिक्रमण और आवंटन एवं नियमितीकरण की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर राजस्व अधिकारियों द्वारा जारी किए गए बेदखली नोटिसों को चुनौती देने वाली उसकी याचिकाओं को उच्च न्यायालय के एकल पीठ के न्यायाधीश द्वारा खारिज करने के बाद खंडपीठ में अपील दायर की थी।
मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति डी.एन. रे की खंडपीठ ने याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि ट्रस्ट ने न केवल सरकारी भूमि के आवंटन और नियमितीकरण आदेशों की शर्तों का उल्लंघन किया है, बल्कि आवंटित भूखंडों के आसपास की खुली भूमि के एक बड़े हिस्से पर अतिक्रमण भी किया है।
पीठ ने यह भी कहा कि ट्रस्ट ने वर्षों से साबरमती नदी के तटीय क्षेत्र की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा था।
अदालत ने ट्रस्ट की उस अपील को भी खारिज कर दिया जिसमें उसने उसके आदेश को उपरी अदालत में चुनौती देने के लिए चार सप्ताह की रोक लगाने का अनुरोध किया था। सरकारी वकील ने पीठ को सूचित किया कि याचिकाकर्ता को बेदखली का एक नया नोटिस जारी किया जाएगा, जिससे उसे इसे पूरा करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा।
भाषा
प्रशांत अविनाश
अविनाश

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