अदालत ने रेलवे के पूर्व आपूर्तिकर्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार एवं आपराधिक साजिश के आरोप तय किए
अदालत ने रेलवे के पूर्व आपूर्तिकर्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार एवं आपराधिक साजिश के आरोप तय किए
नयी दिल्ली, छह मई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा 2014 में दर्ज एक मामले में रेलवे के एक पूर्व आपूर्तिकर्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार एवं आपराधिक साजिश के आरोप तय करने का आदेश दिया है, जिससे सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है।
हालांकि, अदालत ने आपूर्तिकर्ता कंपनी के एक पूर्व कर्मचारी को यह कहते हुए आरोपों से मुक्त कर दिया कि उसके साजिश में शामिल होने का कोई प्रमाण नहीं है और केवल संदेह, चाहे कितना भी गंभीर क्यों न हो, प्रमाण का स्थान नहीं ले सकता।
सीबीआई ने वर्ष 2014 में पश्चिम बंगाल स्थित कंपनी एम/एस रिद्धि सिद्धि उद्योग लिमिटेड के पूर्व प्रबंध निदेशक आर के भलोटिया, उत्तरी रेलवे के लेखा सहायक जोगिंदर पाल कोहली तथा कंपनी के कर्मचारी श्याम सुंदर बसाक के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
यह कंपनी भारतीय रेलवे को विभिन्न उपकरणों की आपूर्ति करती थी।
आरोपपत्र के अनुसार, भलोटिया ने कंपनी के बिलों के जल्द भुगतान के लिए कोहली को रिश्वत दी थी।
इसमें कहा गया कि फोरेंसिक जांच में बैंक जमा पर्ची पर बसाक की लिखावट का मिलान हुआ, जिसके माध्यम से रिश्वत की राशि कोहली के बैंक खाते में जमा कराई गई थी।
विशेष न्यायाधीश अरुण सुखीजा ने 4 मई के आदेश में भलोटिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आपराधिक साजिश से संबंधित प्रावधानों के तहत आरोप तय किए।
अदालत ने 23 अप्रैल को आरोप तय करने का आदेश देते समय यह भी उल्लेख किया था कि कोहली का मुकदमे के दौरान निधन हो गया, जिसके चलते उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई।
बसाक की भूमिका के संबंध में अदालत ने कहा कि वह केवल एक लिपिक था और नियोक्ता के निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य था। जमा पर्ची भरना किसी भी स्थिति में यह निष्कर्ष निकालने के लिए पर्याप्त नहीं है कि वह साजिश का हिस्सा था।
इससे पहले, बसाक के वकील निशांक मट्टू ने तर्क दिया था कि जांच एजेंसी ने ऐसा कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जिससे यह साबित हो सके कि उनके मुवक्किल को कथित रिश्वत राशि की जानकारी थी।
अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी ने बसाक के खिलाफ कोई ठोस सामग्री प्रस्तुत नहीं की, जिससे यह साबित हो कि उसने अपने नियोक्ता के साथ मिलकर साजिश रची थी।
भाषा रंजन अविनाश
अविनाश

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