अदालत का पूर्व पीएफआई प्रमुख अबू बकर को जेल से निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने से इनकार
अदालत का पूर्व पीएफआई प्रमुख अबू बकर को जेल से निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने से इनकार
नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने हिरासत में लिए गए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के पूर्व अध्यक्ष ई. अबू बकर को निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने से इनकार कर दिया और जेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि उसे बिना किसी देरी के सभी आवश्यक चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराए जाएं।
गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम से जुड़े मामले में अबू बकर को हिरासत में लिया गया है और इसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) कर रहा है।
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि यद्यपि आरोपी अबू बकर (जो कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित है) उचित चिकित्सा जांच का हकदार है, और उसे इस सप्ताह दूसरी चिकित्सा राय लेने के लिए एक निजी अस्पताल ले जाने की अनुमति दी।
न्यायाधीश ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जब भी उसे अस्पताल ले जाया जाए, आपातकालीन स्थिति सहित, उसके परिवार को तुरंत सूचित किया जाए और निजी अस्पताल में चिकित्सा जांच के दौरान उसके बेटे को उपस्थित रहने की अनुमति दी।
न्यायमूर्ति शर्मा ने 27 मार्च को दिए गए अपने फैसले में स्पष्ट किया कि उसका इलाज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में जारी रहेगा।
अदालत ने अबू बकर की याचिका पर यह आदेश पारित किया, जिसमें उसने अपने खर्च पर जेल से किसी आधुनिक निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया था कि उसके चिकित्सा उपचार में कोई बाधा ना आए।
उसने अपने साथ एक परिवार के सदस्य को परिचारक के रूप में उपस्थित रहने देने की अनुमति भी मांगी थी।
अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता को सरकारी अस्पतालों, जिनमें डीडीयू अस्पताल, सफदरजंग अस्पताल और एम्स शामिल हैं, में चिकित्सा उपचार मिल रहा है। एम्स एक प्रमुख चिकित्सा संस्थान है जो उसकी चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिहाज से पूरी तरह से सुसज्जित है।
इस याचिका में याचिकाकर्ता ने एक बार फिर अपनी पसंद के निजी अस्पताल में इलाज कराने की अनुमति देने का अनुरोध किया, लेकिन अदालत को उसकी याचिका में कोई दम नजर नहीं आया।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि इलाज के बावजूद उसे लगातार खांसी, सांस लेने में तकलीफ और कमजोरी के साथ-साथ रक्त शर्करा और रक्तचाप में उतार-चढ़ाव और अनियंत्रित उच्च रक्त शर्करा की समस्या है। उसने दावा किया कि उसे एम्स में उचित इलाज नहीं मिल रहा था और उसका अनुभव ‘बेहद खराब’ रहा।
एनआईए के अनुसार, प्रतिबंधित संगठन पीएफआई और उसके पदाधिकारियों तथा सदस्यों ने देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए धन जुटाने की आपराधिक साजिश रची थी और इस उद्देश्य के लिए अपने कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किये थे।
एनआईए के नेतृत्व में चलाए गए एक बहु-एजेंसी अभियान के तहत देश भर में लगभग एक साथ की गई छापेमारी में पीएफआई के बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को 11 राज्यों में आतंकी गतिविधियों का समर्थन करने के आरोप में हिरासत में लिया गया या गिरफ्तार किया गया। अबू बकर को 22 सितंबर, 2022 को गिरफ्तार किया गया था।
भाषा संतोष नरेश
नरेश

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