पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरों के लिये निधि के उपयोग पर न्यायमित्र बैठक बुलाएं : न्यायालय
पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरों के लिये निधि के उपयोग पर न्यायमित्र बैठक बुलाएं : न्यायालय
नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि देशभर के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए राज्यों द्वारा धन के उपयोग के पहलू पर विचार-विमर्श करने के लिए छह मई को एक बैठक बुलाई जाए।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने पुलिस थानों में कार्यात्मक सीसीटीवी कैमरों की कमी से संबंधित एक स्वतः संज्ञान मामले में न्यायमित्र के रूप में उनकी सहायता कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे को केंद्र, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ छह मई को एक बैठक आयोजित करने के लिए कहा।
पीठ ने कहा, “हमारा यह मत है कि पहले की तरह ही न्याय मित्र द्वारा एक बैठक बुलाई जाए जिसमें केंद्र सरकार के गृह सचिव या उनके द्वारा नामित कम से कम संयुक्त या अतिरिक्त सचिव के पद का कोई भी व्यक्ति तथा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के गृह सचिव भाग लें।”
यह मुद्दा तब उठा जब न्यायमित्र वकील ने राज्यों द्वारा निधियों के उपयोग के पहलू को उठाया।
दवे ने पीठ को बताया कि केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्र सरकार 100 प्रतिशत निधि देती है, जबकि पहाड़ी राज्यों में केंद्र सरकार 90 प्रतिशत निधि देती है।
उन्होंने कहा कि शेष राज्यों में केंद्र सरकार 60 प्रतिशत धनराशि देती है जबकि शेष 40 प्रतिशत धनराशि संबंधित राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती है।
पीठ ने पूछा, “राज्यों से निधि के उपयोग पर ही प्रतिक्रिया क्यों नहीं ली जाती?”
उच्चतम न्यायालय ने सुझाव दिया कि न्याय मित्र इस मुद्दे पर केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ बैठक बुला सकते हैं।
न्यायालय ने मामले की सुनवाई 13 मई को तय की और कहा कि इस संबंध में एक रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत की जाए।
केंद्र ने सात अप्रैल को उच्चतम न्यायालय को बताया कि पुलिस थानों में सीसीटीवी लगाने से संबंधित सभी मुद्दों को दो सप्ताह के भीतर सुलझा लिया जाएगा।
भाषा प्रशांत नरेश
नरेश

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