भाकपा ने करेल का नाम ‘केरलम’ किए जाने का स्वागत किया

भाकपा ने करेल का नाम ‘केरलम’ किए जाने का स्वागत किया

भाकपा ने करेल का नाम ‘केरलम’ किए जाने का स्वागत किया
Modified Date: February 24, 2026 / 07:18 pm IST
Published Date: February 24, 2026 7:18 pm IST

नयी दिल्ली, 24 फरवरी (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने का स्वागत किया और प्रदेश के लोगों को बधाई दी।

भाकपा ने एक बयान में कहा कि यह निर्णय ‘‘केरल के लोगों की लंबे समय से चली आ रही और लोकतांत्रिक मांग की परिणति है, जो राज्य की भाषाई विरासत और सामूहिक स्वाभिमान में निहित है।’’

वामपंथी दल ने कहा, ‘‘केरलम नाम मलयालम भाषा का आंतरिक हिस्सा है और यह क्षेत्र की सभ्यतागत निरंतरता और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है। इस औपनिवेशिक युग के अंग्रेजीकरण को सुधारना भारत के बहुभाषी और संघीय चरित्र की पुष्टि है।’’

उसने कहा कि केरल विधानसभा ने जून, 2024 में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन द्वारा पेश एक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से अपनाया था, जिसमें केंद्र सरकार से इस बदलाव को लागू करने का आग्रह किया गया था।

भाकपा ने कहा, ‘‘यह प्रस्ताव राज्य के भीतर एक व्यापक राजनीतिक और सामाजिक सहमति की अभिव्यक्ति थी, जो सभी वर्गों के बीच थी और लोगों की लोकप्रिय इच्छा को प्रतिबिंबित करती थी।’’

वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केरल का नाम बदलने पर मजाकिया अंदाज में पूछा कि अब नए ‘‘केरलम’’ के निवासियों के लिए ‘केरलाइट’’ और ‘केरलन’ जैसे शब्दों के संबोधन का क्या होगा।

भाषा हक हक पवनेश

पवनेश


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