माकपा ने परंदूर हवाई अड्डे पर मचेन्द्रनाथन समिति की रिपोर्ट जारी करने की मांग की

माकपा ने परंदूर हवाई अड्डे पर मचेन्द्रनाथन समिति की रिपोर्ट जारी करने की मांग की

माकपा ने परंदूर हवाई अड्डे पर मचेन्द्रनाथन समिति की रिपोर्ट जारी करने की मांग की
Modified Date: August 26, 2026 / 01:56 pm IST
Published Date: August 26, 2026 1:56 pm IST

चेन्नई, 26 अगस्त (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव के. षणमुगम ने बुधवार को मचेन्द्रनाथन समिति की रिपोर्ट तत्काल सार्वजनिक करने की मांग की। इस समिति का गठन पिछली द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार ने परंदूर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना की व्यवहार्यता की जांच करने और स्थानीय लोगों की चिंताओं का समाधान करने के लिए किया था।

यहां 26 से 31 अगस्त तक चलने वाले राज्यव्यापी जनसंपर्क अभियान की शुरुआत करते हुए पत्रकारों से बातचीत में माकपा नेता ने सवाल उठाया कि इतना समय बीत जाने के बावजूद विशेषज्ञ समिति के निष्कर्षों को सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया।

उन्होंने कहा, “एक खास परियोजना की व्यवहार्यता का अध्ययन करने वाली रिपोर्ट को छिपाने और जारी नहीं करने का क्या मकसद है? रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद वे (द्रमुक) दो साल तक सत्ता में रहे, लेकिन उन्होंने इसे कभी सार्वजनिक नहीं किया।”

उन्होंने राज्य सरकार से रिपोर्ट के निष्कर्ष सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि तमिलनाडु की जनता को पता चल सके कि समिति ने वास्तव में क्या सिफारिश की थी।

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को घोषणा की कि परंदूर ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना को रद्द कर दिया जाएगा और हवाई अड्डा परियोजना के लिए किसी वैकल्पिक स्थल की पहचान की जाएगी।

परंदूर चेन्नई-बेंगलुरु राजमार्ग के पास स्थित है और श्रीपेरंबदूर से करीब 28 किलोमीटर दूर है।

राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत करते हुए षणमुगम ने कहा कि पार्टी के हजारों कार्यकर्ता पूरे तमिलनाडु में लोगों के बीच जाकर केंद्र सरकार की आर्थिक और सांप्रदायिक नीतियों के प्रतिकूल प्रभावों को उजागर करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस विभाजनकारी राजनीति कर रहे हैं और अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहे हैं।

बढ़ती महंगाई का मुद्दा उठाते हुए माकपा नेता ने चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी का जिक्र किया और तमिलनाडु सरकार से लोगों को राहत देने की मांग की।

तमिलनाडु विधानसभा की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए षणमुगम ने चिंता जताई कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक नोकझोंक के कारण विधानसभा का महत्वपूर्ण समय बर्बाद हो रहा है।

उन्होंने विधानसभा की कार्यवाही के सीधे प्रसारण का स्वागत करते हुए इसे जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक माध्यम बताया। साथ ही, माकपा नेता ने विधानसभा अध्यक्ष से प्रमुख विधायी बहसों के दौरान सभी राजनीतिक दलों को बोलने के लिए पर्याप्त और निष्पक्ष समय देने का आग्रह किया।

भाषा तान्या मनीषा

मनीषा


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