ईरानी युद्धपोत को डुबाने के मामले में सरकार की ‘चुप्पी’ पर माकपा ने सवाल उठाया
ईरानी युद्धपोत को डुबाने के मामले में सरकार की 'चुप्पी' पर माकपा ने सवाल उठाया
नयी दिल्ली, पांच मार्च (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने बृहस्पतिवार को भारत द्वारा आयोजित बहुपक्षीय युद्ध अभ्यास में भाग लेकर लौट रहे एक ईरानी युद्धपोत को अमेरिका द्वारा डुबाए जाने के मामले में भारतीय सरकार की ‘चुप्पी’ पर सवाल उठाया। माकपा ने इसे नयी दिल्ली की ओर से ऐसे अभ्यास आयोजित करने के अधिकार पर ‘प्रत्यक्ष हमला’ बताया।
वामपंथी पार्टी ने सरकार की ‘चुप्पी’ को ‘नया निचला स्तर’ करार देते हुए कहा कि यह भारत की स्वतंत्र विदेश नीति को ‘रौंदने’ का काम है।
माकपा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अमेरिका ने भारतीय नौसेना की मेजबानी में आयोजित नौसैनिक अभ्यास से लौट रहे एक निहत्थे ईरानी पोत को डुबो दिया है। यह भारत के ऐसे अभ्यास आयोजित करने के अधिकार पर प्रत्यक्ष हमला है।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘सरकार की चुप्पी एक ‘नया निचला स्तर’ है। यह साम्राज्यवाद-विरोधी और गुटनिरपेक्षता के हमारे दीर्घकालिक सिद्धांतों और हमारी स्वतंत्र विदेश नीति का घोर उल्लंघन है।’’
माकपा ने कहा, ‘‘इस चुप्पी और मिलीभगत को अभी समाप्त करें।’’
एक दिन पहले भारत द्वारा आयोजित बहुपक्षीय युद्ध अभ्यास ‘मिलन’ में भाग लेने के बाद लौट रहे फ्रिगेट श्रेणी के ईरानी युद्धपोत ‘आईरिस देना’ को श्रीलंका तट से दूर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से निशाना बनाकर डुबो दिया था।
भाषा संतोष नरेश
नरेश

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