भाकपा (माले) सांसद का वैष्णव से आग्रह: बंगाल के रेलवे स्टेशनों से रेहड़ी-पटरी वालों को न हटाएं

भाकपा (माले) सांसद का वैष्णव से आग्रह: बंगाल के रेलवे स्टेशनों से रेहड़ी-पटरी वालों को न हटाएं

भाकपा (माले) सांसद का वैष्णव से आग्रह: बंगाल के रेलवे स्टेशनों से रेहड़ी-पटरी वालों को न हटाएं
Modified Date: June 4, 2026 / 08:04 pm IST
Published Date: June 4, 2026 8:04 pm IST

नयी दिल्ली, चार जून (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के लोकसभा सदस्य सुदामा प्रसाद ने बृहस्पतिवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल में रेलवे प्लेटफार्म और स्टेशन परिसरों से बिना किसी पुनर्वास योजना के अंधाधुंध तरीके से बेदखल किए जाने पर विरोध दर्ज कराया और उनसे यह कार्रवाई रोकने का आग्रह किया।

संसद की रेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति के सदस्य प्रसाद ने कहा कि बेदखली की कार्रवाई मनमाने और अमानवीय तरीके से की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से हजारों छोटे पथ विक्रेताओं, चाय विक्रेताओं, पुस्तक विक्रेताओं, खाद्य विक्रेताओं और छोटे व्यापारियों की आजीविका खतरे में है, जबकि ये लोग दशकों से रेलवे स्टेशनों के आसपास काम कर रहे हैं।

बिहार के आरा से लोकसभा सदस्य ने तर्क दिया कि ये रेहड़ी-पटरी वाले रेलवे व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं, जो यात्रियों को किफायती सेवाएं प्रदान करते हैं और साथ ही अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और प्रवासी श्रमिकों से संबंधित आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से ताल्लुक रखते हैं।

पत्र में कहा गया है कि पुनर्वास, वैकल्पिक व्यवस्थाओं या सामाजिक सुरक्षा उपायों के अभाव के कारण कई प्रभावित परिवार बेरोजगारी और आर्थिक संकट की ओर धकेले जा रहे हैं।

प्रसाद ने रेलवे स्टेशन विकास में अपनाए जा रहे ‘‘भेदभावपूर्ण, गरीब-विरोधी रवैये’’ की भी आलोचना की।

उन्होंने आरोप लगाया कि आधुनिकीकरण और सौंदर्यीकरण के नाम पर पारंपरिक रेहड़ी-पटरी वालों को हटाया जा रहा है, जबकि रेलवे स्टेशनों पर व्यावसायिक स्थान तेजी से बड़ी कॉर्पोरेट खुदरा श्रृंखलाओं को आवंटित किए जा रहे हैं।

उन्होंने लिखा, ‘विकास का अर्थ गरीबों की आजीविका का विनाश नहीं हो सकता।’

भाषा हक हक पवनेश

पवनेश


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