मुंबई। मुंबई बम धमाकों में आरोपी और भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का करीबी फारुक टकला को आखिरकार कानून के लंबे हाथों ने अपने शिकंजे में ले लिया है। दुबई से मुंबई प्रत्यर्पित किए जाने के बाद फारुक टकला को टाडा अदालत में पेश किया गया। फारुक टकला के खिलाफ 1995 में ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया गया था, लेकिन उस तक पहुंच नहीं बन पा रही थी। 1993 धमाकों के बाद से फरार चल रहे फारुक टकला को आखिरकार दुबई में गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद एयर इंडिया की फ्लाइट से उसे मुंबई लाया गया। गुरुवार को मुंबई पहुंचते ही एयरपोर्ट से टकला को सीधे सीबीआई के कार्यालय में ले जाया गया, वहां उससे शुरुआती पूछताछ की गई और दोपहर बाद टाडा अदालत में पेश किया गया।
#DawoodIbrahim का करीबी #FarooqTakla को #Mumbai में #TADA कोर्ट में पेश किया गया. #Dubai से प्रत्यर्पित करके लाया गया है फारुक टकला pic.twitter.com/gbHq2wl2Dt
— IBC24 (@IBC24News) March 8, 2018
बताया जाता है फारुक टकला संयुक्त अरब अमीरात में डी कंपनी के नेटवर्क को संभालता था और दाऊद इब्राहिम के करीबियों में शुमार होने के कारण उसका अच्छा खासा रुतबा बना हुआ था। फारुक टकला 57 साल का है और मोहम्मद अहमद मोहम्मद यासीन मंसूरी उर्फ लंगड़ा का भाई है। बताया जाता है कि दाऊद इब्राहिम के अवैध कारोबार का वो प्रबंधक बना हुआ था। यूएई में गैंग के सदस्यों को हर तरह की मदद करने का जिम्मा दाऊद ने टकला को ही सौंप रखा था।
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सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने फारुक टकला की गिरफ्तारी को सीबीआई की बड़ी कामयाबी बताई है। फारुक टकला की गिरफ्तारी के बाद से दाऊद इब्राहिम की मुश्किलें भी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। आपको बता दें कि दाऊद का एक भाई इब्राहिम कासकर पहले से ही मुंबई में जेल में है। 1993 मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट में एक दर्जन धमाके हुए थे, जिनमें 257 लोगों की मौत हुई थी और 700 से भी ज्यादा जख्मी हुए थे।
वेब डेस्क, IBC24