D Sudhakar Death News: 66 साल की उम्र में इस कैबिनेट मंत्री का निधन, फेफड़ों के संक्रमण ने ली जान, राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर

D Sudhakar Death News: 66 साल की उम्र में इस कैबिनेट मंत्री का निधन, फेफड़ों के संक्रमण ने ली जान, राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर

D Sudhakar Death News: 66 साल की उम्र में इस कैबिनेट मंत्री का निधन, फेफड़ों के संक्रमण ने ली जान, राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर

D Sudhakar Death News/Image Source: IBC24

Modified Date: May 10, 2026 / 09:56 am IST
Published Date: May 10, 2026 9:50 am IST
HIGHLIGHTS
  • कर्नाटक के मंत्री डी. सुधाकर का 66 वर्ष की उम्र में निधन
  • फेफड़ों के संक्रमण के कारण पिछले दो महीनों से चल रहा था इलाज
  • डीके शिवकुमार ने कहा - राज्य की राजनीति को बड़ा नुकसान

D Sudhakar Death News: कर्नाटक के मंत्री और कांग्रेस नेता डी. सुधाकर का आज तड़के सुबह 66 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। जानकारी के मुताबिक, मंत्री के फेफड़ों में संक्रमण था, उनका पिछले दो महीनों से इलाज चल रहा था। डी. सुधाकर (D Sudhakar Death News) हिरियूर से विधायक, चित्रदुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री और राज्य के प्लानिंग और स्टैटिस्टिक्स मंत्री थे। उनके निधन की खबर से राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर है। डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने राज्य के मंत्री और कांग्रेस नेता डी। सुधाकर के निधन पर गहरा दुख जताया है।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि डी. सुधाकर लंबे समय से बीमार थे और उनका इलाज चल रहा था। डीके शिवकुमार ने लिखा, आज हमारे कैबिनेट सहयोगी डी. सुधाकर के निधन से बहुत दुख हुआ है। वह हमारे बेहद करीबी थे। डी. सुधाकर ने हिरियूर से विधायक, चित्रदुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री और राज्य के प्लानिंग और स्टैटिस्टिक्स मंत्री के रूप में शानदार सार्वजनिक सेवा दी थी। डीके ने कहा कि डी. सुधाकर का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनके निधन से पार्टी और राज्य की राजनीति को बड़ा नुकसान हुआ है।

कौन थे डी सुधाकर

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डी. सुधाकर (D Sudhakar Death News) कर्नाटक और चित्रदुर्ग जिले की हिरियूर विधानसभा सीट से विधायक थे। उन्होंने कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। साल 2004 में वे पहली बार चल्लाकेरे विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए थे। हालांकि बाद में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और साल 2008 में जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने बी.एस. येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन दिया और सामाजिक कल्याण मंत्री का पद संभाला।

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