‘दरबार स्थानांतरण’: श्रीनगर में सिविल सचिवालय फिर से खुला

‘दरबार स्थानांतरण’: श्रीनगर में सिविल सचिवालय फिर से खुला

‘दरबार स्थानांतरण’: श्रीनगर में सिविल सचिवालय फिर से खुला
Modified Date: May 4, 2026 / 02:03 pm IST
Published Date: May 4, 2026 2:03 pm IST

(तस्वीरों सहित)

श्रीनगर, चार मई (भाषा) जम्मू कश्मीर सरकार का मुख्यालय सिविल सचिवालय 150 साल पुरानी अर्धवार्षिक ‘दरबार स्थानांतरण’ प्रथा के तहत सोमवार को यहां फिर से खुल गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

जम्मू में एक सप्ताह कार्यालयों के बंद रहने के बाद ग्रीष्मकालीन राजधानी में इनके फिर से खुलने पर हुए कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को औपचारिक ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘पिछले साल जम्मू में फिर से शुरू किया गया ‘दरबार मूव’ जम्मू कश्मीर में शासन की निरंतरता को फिर से स्थापित करता है, जिसमें कई वर्षों के बाद पूरा सचिवालय ग्रीष्मकालीन राजधानी में स्थानांतरित हुआ है।’’

‘दरबार स्थानांतरण’ एक पुरानी प्रथा है, जिसके तहत सरकार के सभी कार्यालय काम करने के लिए सर्दियों के छह महीनों के दौरान जम्मू में और गर्मियों के दौरान श्रीनगर में रहते हैं।

इन दोनों क्षेत्रों में अत्यधिक खराब मौसम की स्थिति से बचने के लिए महाराजा गुलाब सिंह ने 1872 में इस प्रथा की शुरुआत की थी।

आजादी के बाद भी यह प्रथा जारी रही, जिसके तहत कश्मीर और जम्मू दोनों क्षेत्रों को छह महीने के लिए शासन संबंधी लाभ प्रदान किए जाते थे।

राजधानियों के स्थानांतरण पर 2021 में उपराज्यपाल के शासनकाल के दौरान रोक लगा दी गई थी, लेकिन उमर अब्दुल्ला द्वारा पदभार ग्रहण करने के एक साल बाद 2025 में इसे बहाल कर दिया गया।

‘दरबार स्थानांतरण’ से पहले जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में सड़कों और पैदल मार्गों का सौंदर्यीकरण करके उसका कायाकल्प किया गया।

भाषा यासिर अमित

अमित


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