दिल्ली की अदालत ने निजी संस्थान के पूर्व छात्र को एमडी की हत्या के प्रयास के आरोप से बरी किया
दिल्ली की अदालत ने निजी संस्थान के पूर्व छात्र को एमडी की हत्या के प्रयास के आरोप से बरी किया
नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने एक निजी संस्थान के पूर्व छात्र को वहां की प्रबंध निदेशक (एमडी) की हत्या की कोशिश के आरोप से यह कहते हुए बरी कर दिया कि अभियोजन पक्ष उसके अपराध को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुमेध कुमार सेठी संस्थान के मालिक एवं प्रबंध निदेशक को जान से मारने की धमकी देने के आरोप में दिशांत सिंह के खिलाफ दर्ज मामले की सुनवाई कर रहे थे।
अदालत ने तीन फरवरी को जारी एक आदेश में कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए, यह अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि अभियोजन पक्ष संदेह से परे यह साबित करने में विफल रहा कि आरोपी दिशांत सिंह उन अपराधों में शामिल थे, जिनका उन पर आरोप है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, संस्थान के पूर्व छात्र सिंह ने संस्थान से निष्कासित किए जाने के बाद एक मई 2015 को प्रबंध निदेशक डिंपल खन्ना के कार्यालय में प्रवेश किया, उन्हें अपशब्द कहे और एक देसी पिस्तौल से उन्हें जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि कर्मचारियों ने उसे काबू में करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया।
शाहदरा थाने में सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 506 (आपराधिक धमकी) तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 25 (अपराधों के लिए दंड) समेत अन्य आरोप तय किए गए।
भाषा यासिर पवनेश
पवनेश

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