दिल्ली की अदालत ने ‘आई-पैक’ के निदेशक विनेश चंदेल की अंतरिम जमानत याचिका खारिज की
दिल्ली की अदालत ने ‘आई-पैक’ के निदेशक विनेश चंदेल की अंतरिम जमानत याचिका खारिज की
नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को राजनीतिक परामर्श फर्म ‘आई-पैक’ के सह-संस्थापक और निदेशक विनेश चंदेल की अंतरिम जमानत याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह असाधारण मानवीय आधारों पर खरी नहीं उतरती है।
पश्चिम बंगाल में कथित कोयला घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में जेल में बंद चंदेल ने अपनी मां की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के मानवीय आधार पर अंतरिम राहत का अनुरोध किया था, जो मनोभ्रंश से पीड़ित हैं।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शेफाली बरनाला टंडन ने कहा, ‘‘यह स्थापित कानून है कि अंतरिम जमानत देना, विशेष रूप से धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अपराधों में, एक सामान्य बात नहीं मानी जानी चाहिए और यह बाध्यकारी, तत्काल और असाधारण परिस्थितियों पर आधारित होनी चाहिए।’’
अदालत ने कहा कि आरोपी ने अपनी मां की चिकित्सीय स्थिति का हवाला दिया है, जिसकी जांच अधिकारी द्वारा विधिवत पुष्टि की जा चुकी है।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘यद्यपि, यह अदालत बुजुर्ग माता-पिता की चिकित्सीय स्थिति के प्रति असंवेदनशील नहीं है, लेकिन रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री से किसी भी अचानक या जानलेवा चिकित्सीय आपात स्थिति का पता नहीं चलता है जिसके लिए आवेदक/आरोपी की तत्काल उपस्थिति आवश्यक हो।’’
उन्होंने कहा कि मनोभ्रंश धीरे-धीरे बढ़ने वाली एक दीर्घकालिक बीमारी है, और संलग्न दस्तावेजों में ऐसी किसी भी गंभीर चिकित्सा संकट का संकेत नहीं मिलता है जिसे उचित चिकित्सा देखभाल और सहायता के माध्यम से प्रबंधित नहीं किया जा सकता है।
अदालत ने कहा, ‘‘आवेदक/आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप पीएमएलए के तहत अपराधों से संबंधित हैं, जो गंभीर प्रकृति के हैं और देश की वित्तीय प्रणाली को प्रभावित करने वाले आर्थिक अपराध हैं।’’
उसने कहा, ‘‘वैसे भी, नियमित जमानत याचिका पहले से ही विचाराधीन है। न्यायालय फिलहाल अंतरिम राहत देना उचित नहीं समझता।’’
भाषा शफीक माधव
माधव

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