दिल्ली अग्निकांड: एमसीडी दक्षिण जोन के डीएचओ को कारण बताओ नोटिस दिया गया

दिल्ली अग्निकांड: एमसीडी दक्षिण जोन के डीएचओ को कारण बताओ नोटिस दिया गया

दिल्ली अग्निकांड: एमसीडी दक्षिण जोन के डीएचओ को कारण बताओ नोटिस दिया गया
Modified Date: June 8, 2026 / 11:45 pm IST
Published Date: June 8, 2026 11:45 pm IST

नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) मालवीय नगर में एक अवैध ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ (बी-एंड-बी) प्रतिष्ठान में लगी भीषण आग में 22 लोगों की मौत के मामले में जारी जांच के बीच दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने दक्षिण जोन के जिला स्वास्थ्य अधिकारी (डीएचओ) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों के अनुसार, संबंधित डीएचओ को घटना की रिपोर्ट देने और यह बताने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया था कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।

एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘हमें संबंधित अधिकारी का जवाब मिल गया है और हम इसकी जांच कर रहे हैं। यह दुखद घटना व्यवस्था की गहरी कमियों को दर्शाती है। कार्रवाई की जानी अभी बाकी है।’

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिला स्वास्थ्य अधिकारी (डीएचओ) ‘स्वास्थ्य व्यवसाय लाइसेंस’ (एचटीएल) जारी करने और उनके प्रबंधन के लिए प्राथमिक सक्षम स्वास्थ्य प्राधिकरण के रूप में कार्य करते हैं।

सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए वे भोजन प्रतिष्ठानों, गेस्ट हाउस और भंडारण सुविधाओं जैसे व्यवसायों को विनियमित करते हैं।

डीएचओ का कार्यालय स्वास्थ्य और अग्निसुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए (लेआउट प्लान और एफएसएसएआई लाइसेंस जैसे) अपलोड किए गए दस्तावेजों का मूल्यांकन करता है।

अधिकारियों ने बताया कि डीएचओ या अधिकृत स्वास्थ्य निरीक्षक लाइसेंस अवधि के पहले या उस दौरान स्वच्छता, अपशिष्ट निपटान और उचित वेंटिलेशन (हवा की आवाजाही) की जांच करने के लिए व्यावसायिक परिसर का दौरा करते हैं।

अधिकारियों के अनुसार, जिस अवैध बी-एंड-बी प्रतिष्ठान में 22 लोगों की जान गई, वह समाप्त (एक्सपायर्ड) हो चुके लाइसेंस पर चल रहा था। उसने तीन जून को जिस दिन यह हादसा हुआ निगम की वेबसाइट पर ‘चाय और स्नैक्स लाइसेंस’ के लिए फिर से आवेदन किया था, जिसे खारिज कर दिया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि उसका चाय और नाश्ता (स्नैक्स) का लाइसेंस भी इस साल 31 मार्च को समाप्त हो चुका था।

भाषा सुमित संतोष

संतोष

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