दिल्ली सरकार ने दवा दुकानों को दवाइयों की कीमतों पर छूट के अवास्तविक दावे करने से बचने को कहा

दिल्ली सरकार ने दवा दुकानों को दवाइयों की कीमतों पर छूट के अवास्तविक दावे करने से बचने को कहा

दिल्ली सरकार ने दवा दुकानों को दवाइयों की कीमतों पर छूट के अवास्तविक दावे करने से बचने को कहा
Modified Date: August 26, 2026 / 08:21 pm IST
Published Date: August 26, 2026 8:21 pm IST

नयी दिल्ली, 26 अगस्त (भाषा) दिल्ली सरकार ने दवा की दुकानों से दवाइयों की कीमतों पर छूट के ‘अवास्तविक, भ्रामक या अस्पष्ट’ दावे करने से बचने को कहा है।

सरकार को शिकायत मिली थी कि कुछ दुकानें 60-80 प्रतिशत छूट का दावा कर रही हैं जिसके बाद सरकार ने परामर्श जारी किया।

औषधि नियंत्रण विभाग ने दवाओं की कीमतों पर “बढ़ा-चढ़ाकर” दिखाए जाने वाली छूट पर सवाल उठाया है। अधिकारियों के मुताबिक, केरल उच्च न्यायालय ने जून में एक आदेश में “भ्रामक” छूट बोर्डों के खिलाफ नियामकीय कार्रवाई को सही ठहराया था। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि दवाओं को उनके अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से कम कीमत पर बेचना प्रतिबंधित नहीं है।

विभाग द्वारा हाल में जारी एक परामर्श के अनुसार, यह देखा गया है कि दिल्ली में दवाई की कई खुदरा दुकानें प्रचार बोर्ड, बैनर और विज्ञापन में ’60, 70, 80 प्रतिशत तक की छूट’ जैसे दावे कर रही हैं।

विभाग ने दिल्ली की सभी दवा दुकानों को निर्देश दिया है कि वे दवाइयों की बिक्री बढ़ाने के लिए “अवास्तविक, बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए, झूठे, भ्रामक या अस्पष्ट” छूट के दावों को प्रदर्शित या प्रचारित करने से बचें।

इसमें कहा गया है कि दवाइयों पर उनके वास्तविक निर्माताओं और अधिकृत वितरकों से खरीद मूल्य से भी कम कीमत पर छूट के ‘अवास्तविक’ दावे खरीद के स्रोत की वास्तविकता के बारे में चिंताएं पैदा करते हैं।

परामर्श में कहा गया कि दवाएं सामान्य उपभोक्ता वस्तुएं नहीं हैं। वे आवश्यक स्वास्थ्य देखभाल उत्पाद हैं जो सीधे रोगियों के स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़े हुए हैं।

औषधि नियंत्रण विभाग ने दिल्ली में ‘केमिस्ट एसोसिएशन’ से अपने सदस्यों को इस मुद्दे के बारे में जागरूक करने के लिए भी कहा है।

भाषा नोमान नोमान माधव

माधव


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