दिल्ली सरकार खतरनाक रसायन बनाने वाली अवैध इकाइयों का सर्वेक्षण करे: एनएचआरसी

दिल्ली सरकार खतरनाक रसायन बनाने वाली अवैध इकाइयों का सर्वेक्षण करे: एनएचआरसी

दिल्ली सरकार खतरनाक रसायन बनाने वाली अवैध इकाइयों का सर्वेक्षण करे: एनएचआरसी
Modified Date: February 23, 2024 / 05:13 pm IST
Published Date: February 23, 2024 5:13 pm IST

नयी दिल्ली, 23 फरवरी (भाषा) राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने अलीपुर अग्निकांड के मद्देनजर दिल्ली सरकार और पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

इस घटना में 11 लोगों की मौत हो गई थी।

अधिकारियों ने बताया कि आयोग ने दिल्ली सरकार को खतरनाक रसायनों और अन्य ज्वलनशील पदार्थ बनाने वाली और कारखाना अधिनियम के अनुसार सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन किए बिना अवैध रूप से संचालित सभी औद्योगिक इकाइयों का सर्वेक्षण करने और छह सप्ताह में एक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

नोटिस में आयोग ने कहा कि आग लगने की यह कोई अकेली घटना नहीं है जहां ‘‘हाल के दिनों में राष्ट्रीय राजधानी में नियोक्ताओं और अधिकारियों की लापरवाही के कारण’’ निर्दोष श्रमिकों को जान गंवानी पड़ी।

अधिकारियों ने कहा, ‘‘ ऐसा प्रतीत होता है कि अधिकारियों ने पिछली घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया है।’’

पुलिस के मुताबिक 15 फरवरी को रंग-रोगन कारखाने में आग लगने से कम से कम 11 लोगों की जान चली गई थी और कई घायल हो गए थे।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने एक बयान में कहा कि उसने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की खबरों को देखकर घटना के संबंध में स्वत: संज्ञान लिया है।

आयोग ने पाया कि खबरों में दी गई जानकारी अगर सही है तो मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मुद्दा है।

तदनुसार, आयोग ने मुख्य सचिव और दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर छह सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसमें कहा गया कि रिपोर्ट में प्राथमिकी की स्थिति और पीड़ित परिवारों को मुआवजे के वितरण की जानकारी होनी चाहिए।

बयान में कहा गया कि आयोग यह भी जानना चाहता है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।

इसमें कहा, ‘‘ रिपोर्ट में यह जानकारी भी होनी चाहिए कि निर्दोष लोगों के जीवन के अधिकार का उल्लंघन करने वाली ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए क्या कदम उठाए गये और क्या प्रस्तावित कदम उठाए जाएंगे।’’

भाषा खारी माधव

माधव


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