दिल्ली सरकार शहर में पर्यावरण के अनुकूल बांस से बने ‘कूलिंग जोन’ स्थापित करेगी: मुख्यमंत्री गुप्ता

दिल्ली सरकार शहर में पर्यावरण के अनुकूल बांस से बने ‘कूलिंग जोन’ स्थापित करेगी: मुख्यमंत्री गुप्ता

दिल्ली सरकार शहर में पर्यावरण के अनुकूल बांस से बने ‘कूलिंग जोन’ स्थापित करेगी: मुख्यमंत्री गुप्ता
Modified Date: June 8, 2026 / 05:57 pm IST
Published Date: June 8, 2026 5:57 pm IST

नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि दिल्ली सरकार शहर में बांस आधारित ‘कूलिंग जोन’ स्थापित करेगी ताकि मौजूदा भीषण गर्मी से पर्यावरण के अनुकूल तरीके से राहत मिल सके।

दरअसल, राजधानी में बढ़ती गर्मी में लोगों को राहत प्रदान करने के लिए बाहरी-उत्तरी जिला प्रशासन ने ‘सीड्स एनजीओ’ के सहयोग से बवाना में बांस से बना ‘कूलिंग जोन’ स्थापित किया है जिसके बाद मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की है।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के बयान के मुताबिक, इन कूलिंग जोन का निर्माण मुख्य रूप से बांस से किया गया है, जिससे पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़ता है और यह एक टिकाऊ संरचना के रूप में कार्य करता है।

गुप्ता ने कहा, “यह पहल न केवल तत्काल राहत प्रदान करती है, बल्कि भविष्य की जलवायु चुनौतियों से निपटने के लिए नवाचार-आधारित समाधान विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को राहत देने वाले ऐसे पर्यावरण अनुकूल ‘कूलिंग जोन’ दिल्ली के अन्य क्षेत्रों में भी स्थापित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा, “वर्तमान में बवाना और अलीपुर में दो ‘कूलिंग जोन’ संचालित हैं और नागरिकों को उनकी सेवाएं मिल रही हैं। इसके अतिरिक्त तीन और ‘कूलिंग जोन’ विकसित किए जा रहे हैं, जिन पर कार्य शुरू हो चुका है।”

गुप्ता ने कहा कि इसमें खस और पानी की फूहार आधारित ‘कूलिंग सिस्टम’ लगाया गया है, जो प्राकृतिक रूप से आसपास के तापमान को कम करता है और लोगों को अधिक आरामदायक वातावरण उपलब्ध कराता है।

उन्होंने कहा कि ‘कूलिंग जोन’ में प्राकृतिक वेंटिलेशन की विशेष व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ‘कूलिंग जोन’ में पीने के ठंडे पानी, ओआरएस पैकेट, अग्निशामक यंत्र, लू से बचाव और जागरूकता संबंधी सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) सामग्री और बैठने और विश्राम की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।

भाषा नोमान प्रशांत

प्रशांत


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