बेची गई कार के दुरुपयोग मामले में वकील को दिल्ली उच्च न्यायालय से राहत

बेची गई कार के दुरुपयोग मामले में वकील को दिल्ली उच्च न्यायालय से राहत

बेची गई कार के दुरुपयोग मामले में वकील को दिल्ली उच्च न्यायालय से राहत
Modified Date: June 23, 2026 / 04:13 pm IST
Published Date: June 23, 2026 4:13 pm IST

नयी दिल्ली, 23 जून (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक वकील को उसकी कार के कथित अवैध इस्तेमाल से जुड़े मामले में किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से राहत दिया है, जिसे उसने साल 2023 में एक पुरानी कारों के डीलर को बेच दिया था।

वकील शंकर कुमार झा ने कहा कि पुरानी कारों का व्यापार करने वाले एक प्लेटफॉर्म के ज़रिए अपनी कार बेचने के बाद भी, बार-बार याद दिलाने के बावजूद गाड़ी खरीदार के नाम पर अंतरित नहीं की गई थी। उन्होंने बताया कि इस महीने की शुरुआत में, उन्हें पुलिस से एक नोटिस मिला, जो आबकारी कानून के तहत अपराधों को अंजाम देने के लिए उसी गाड़ी के इस्तेमाल से जुड़ी एक प्राथमिकी के संबंध में था।

न्यायमूर्ति मधु जैन की अवकाशकालीन पीठ ने 19 जून को झा की याचिका पर केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और पुरानी कारों के डीलर को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को तय करते हुए आदेश दिया, ‘‘इस बीच, प्रतिवादियों को अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता के खिलाफ वाहन के दुरुपयोग से संबंधित मामले में किसी भी दंडात्मक कार्रवाई को करने से रोका जाता है।’’

याचिका में झा ने कहा कि अधिकारियों की निष्क्रियता के साथ-साथ कार डीलर के गैर-जिम्मेदाराना रवैये ने उन्हें कार बेचने के बावजूद गंभीर कानूनी कार्यवाही के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।

वरिष्ठ अधिवक्ता अभिजात के माध्यम से दायर याचिका में याचिकाकर्ता ने दलील दी कि उक्त मंच ने उन्हें आश्वासन दिया था कि वह बिक्री के बाद विक्रेताओं को पूरी सेवाएं प्रदान करता है, जिसमें संबंधित आरटीओ के साथ पंजीकरण प्रमाण पत्र में स्वामित्व का अंतरण (नाम बदलना) भी शामिल है।

भाषा खारी दिलीप

दिलीप


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