दिल्ली रेस क्लब को बेदखली नोटिस पर रोक का आदेश उच्च न्यायालय ने रद्द किया
दिल्ली रेस क्लब को बेदखली नोटिस पर रोक का आदेश उच्च न्यायालय ने रद्द किया
नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने लुटियंस दिल्ली में 84 एकड़ परिसर से दिल्ली रेस क्लब की प्रस्तावित बेदखली के संबंध में उसे जारी कारण बताओ नोटिस पर रोक लगाने वाले आदेश को मंगलवार को रद्द कर दिया।
मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने केंद्र की अपील स्वीकार कर ली और दिल्ली रेस क्लब की याचिका पर 26 अप्रैल को पारित एकल न्यायाधीश के आदेश को बरकरार रखने से इनकार कर दिया।
पीठ ने कहा, ‘‘मौजूदा अपील स्वीकार की जाती है और एकल न्यायाधीश का 24 अप्रैल, 2026 का वह आदेश रद्द किया जाता है जिसमें संपदा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस पर आगे की कार्यवाही न करने का निर्देश दिया गया था।’’
केंद्र ने 13 मार्च को दिल्ली रेस क्लब को नोटिस जारी कर दावा किया था कि वह परिसर पर लगातार अनधिकृत रूप से काबिज है। केंद्र ने यह कहते हुए परिसर पर शांतिपूर्ण कब्जा मांगा था कि जमीन सार्वजनिक उद्देश्य के लिए आवश्यक है।
इसके बाद अधिकारियों ने 17 अप्रैल को सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत कब्जाधारियों की बेदखली) अधिनियम के तहत कार्यवाही शुरू की और क्लब को कारण बताओ नोटिस जारी कर यह बताने को कहा कि उसके खिलाफ बेदखली और अनधिकृत कब्जे के लिए हर्जाने की वसूली का आदेश क्यों न पारित किया जाए।
हालांकि, क्लब ने एकल न्यायाधीश की पीठ के समक्ष कारण बताओ नोटिस को चुनौती दी थी। पीठ ने अंतरिम आदेश में संपदा अधिकारी को 30 जुलाई तक इस पर आगे कार्यवाही नहीं करने का निर्देश दिया।
भाषा
सिम्मी वैभव
वैभव

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