दिल्ली उच्च न्यायालय का आत्महत्याओं को रोकने के लिए दायर जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार

दिल्ली उच्च न्यायालय का आत्महत्याओं को रोकने के लिए दायर जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार

दिल्ली उच्च न्यायालय का आत्महत्याओं को रोकने के लिए दायर जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार
Modified Date: May 13, 2026 / 04:54 pm IST
Published Date: May 13, 2026 4:54 pm IST

नयी दिल्ली, 13 मई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने आत्महत्याओं को रोकने के उपायों का अनुरोध करने वाली एक जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई करने से इनकार कर दिया और याचिकाकर्ता को अपना अभ्यावेदन लेकर अधिकारियों से संपर्क करने को कहा।

मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने कहा, ‘‘हम आत्महत्या के मामलों में वृद्धि को स्वीकार करते हैं, लेकिन क्या किया जा सकता है? क्या दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं? समाज में इतनी सारी बुराइयां हैं। क्या किया जा सकता है?’’

पीठ ने कहा, ‘‘समाज में एक ऐसी स्थिति बनी हुई है। सरकार के स्तर पर क्या किया जा सकता है?’’

याचिकाकर्ता ने अधिकारियों को ‘‘संस्थागत जांच’’ और आत्महत्या की प्रवृत्ति को रोकने के लिए ‘‘सहायता प्रणाली’’ बनाने के निर्देश देने का अनुरोध किया था।

याचिकाकर्ता ने दलील दी कि वर्तमान में, किसी भी परेशान व्यक्ति के पास अपनी शिकायतें साझा करने के लिए कोई मंच नहीं है।

पीठ ने टिप्पणी की कि इस मामले में कोई निर्देश जारी करने की आवश्यकता नहीं है और सुझाव दिया कि याचिकाकर्ता ऐसे लोगों तक पहुंचने और आत्महत्याओं को रोकने के लिए कदम उठाने हेतु एक गैर सरकारी संगठन खोले।

अदालत ने टिप्पणी की, ‘‘ हर वो चीज जो आपकी परिकल्पना होती है, जनहित याचिका का विषय नहीं बन सकती।’’

पीठ ने कहा, ‘‘हम याचिकाकर्ता को केंद्र/राज्य सरकार के उपयुक्त अधिकारियों के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करने की अनुमति देते हैं।’’ साथ ही निर्देश दिया कि अभ्यावेदन प्रस्तुत किए जाने के बाद, अधिकारी ‘उचित निर्णय’ लेंगे।

भाषा धीरज नरेश

नरेश


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