दिल्ली उच्च न्यायालय ने पुलिसकर्मियों से झड़प मामले में अलका लांबा की याचिका पर पुलिस से जवाब मांगा

दिल्ली उच्च न्यायालय ने पुलिसकर्मियों से झड़प मामले में अलका लांबा की याचिका पर पुलिस से जवाब मांगा

दिल्ली उच्च न्यायालय ने पुलिसकर्मियों से झड़प मामले में अलका लांबा की याचिका पर पुलिस से जवाब मांगा
Modified Date: February 25, 2026 / 03:57 pm IST
Published Date: February 25, 2026 3:57 pm IST

नयी दिल्ली, 25 फरवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को कांग्रेस नेता अलका लांबा द्वारा दायर उस याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा, जिसमें उन्होंने 2024 में जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों से हुई झड़प से संबंधित मामले में अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और आरोपों को चुनौती दी है।

न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने लांबा की याचिका पर पुलिस को नोटिस जारी किया, जिसमें प्राथमिकी और उसके बाद की सभी कार्यवाही, जिसमें आरोप पत्र दाखिल करना और आरोप तय करना शामिल है, को रद्द करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

अभियोजन पक्ष ने कांग्रेस नेता लांबा पर 29 जुलाई, 2024 को जंतर-मंतर पर महिला आरक्षण के समर्थन में विरोध-प्रदर्शन करते हुए पुलिस के काम में बाधा पहुंचाने और सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध करने का आरोप लगाया है।

मजिस्ट्रेट ने 19 दिसंबर, 2025 को लोक सेवक को कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमले या आपराधिक बल का प्रयोग, सरकारी अधिकारी के कार्य में बाधा डालना, लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी किए गए आदेश की अवज्ञा करना और सार्वजनिक मार्ग में खतरा या बाधा उत्पन्न करने के अपराधों के लिए आरोप तय करने का आदेश दिया था।

याचिकाकर्ता के वकील अभिक चिमनी ने अदालत से मामले की सुनवाई जल्द से जल्द करने का अनुरोध किया ताकि वह कार्यवाही पर रोक लगाने के लिए अंतरिम राहत का अनुरोध कर सकें।

अदालत ने अनुरोध को खारिज करते हुए टिप्पणी की, ‘‘प्राथमिकी 2024 में दर्ज हुई थी। आप 2026 में आकर कह रहे हैं कि मामला अत्यावश्यक है।’’

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई तीन सितंबर के लिए तय की।

भाषा शफीक पवनेश

पवनेश


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