दिल्ली में एक व्यक्ति ने खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों से 60 लाख रुपये की ठगी की, गिरफ्तार

दिल्ली में एक व्यक्ति ने खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों से 60 लाख रुपये की ठगी की, गिरफ्तार

दिल्ली में एक व्यक्ति ने खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों से 60 लाख रुपये की ठगी की, गिरफ्तार
Modified Date: June 20, 2026 / 08:20 pm IST
Published Date: June 20, 2026 8:20 pm IST

नयी दिल्ली, 20 जून (भाषा) दिल्ली पुलिस ने कथित रूप से अपर जिलाधिकारी (एडीएम) बताकर सरकारी नौकरी दिलाने और भूमि आवंटित कराने के नाम पर लोगों से लगभग 60 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के गांधी विहार का पवन कुमार पांडे उर्फ ​​वरुण कुमार पांडे (43) खुद को कथित तौर पर उत्तर प्रदेश का प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) अधिकारी के रूप में पेश करता था और पीड़ितों का भरोसा जीतने के लिए नकली पहचान पत्र एवं दस्तावेजों का इस्तेमाल करता था।

पुलिस के अनुसार, मार्च में सिधीपुरा पुलिस चौकी में एक शिकायत दर्ज कर शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने खुद को ‘‘उत्तर प्रदेश का एडीएम वरुण कुमार पांडे’’ बताया तथा वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से करीबी संबंध होने का दावा किया।

पुलिस का कहना है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता और उसके साथियों को कथित तौर पर सरकारी नौकरी दिलाने एवं एक कथित सरकारी योजना के तहत नोएडा में भूखंड दिलाने का वादा किया तथा उनसे लगभग 60 लाख रुपये की ठगी की।

पुलिस के अनुसार इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस ने बताया कि आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन ‘वरुण कुमार पांडे’ के नाम से पंजीकृत ‘एप्पल आईडी’ से जुड़े थे। असली वरुण कुमार पांडे (2015 बैच के पीसीएस अधिकारी और झांसी में पूर्व अपर जिलाधिकारी रह चुके हैं) से सत्यापन करने पर पता चला कि आरोपी ने धोखाधड़ी से उनके नाम और पद का इस्तेमाल किया।

एक अधिकारी ने कहा, ‘‘आरोपी ने जान-बूझकर इन पीसीएस अधिकारी की पहचान अपनाई क्योंकि उनकी तस्वीरें और अन्य जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध थी। ऐसे में उसे खुद को सरकारी अधिकारी के तौर पर भरोसेमंद ढंग से पेश करने में मदद मिली।’’

पूछताछ के दौरान, आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह कई सालों तक एडीएम बनकर रहा और अपने दावों को सही साबित करने के लिए नकली पहचान-पत्र और दस्तावेज इस्तेमाल की। उस पर सरकारी नौकरी दिलाने और जमीन आवंटित करने का वादा करके अन्य लोगों के साथ धोखाधड़ी करने का भी संदेह है।

पुलिस ने उसके पास से एडीएम के पद वाले ‘विज़िटिंग कार्ड’ और पहचान पत्र, कथित तौर पर जाली शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, सरकारी दस्तावेज़, मोबाइल फ़ोन, स्क्रीनशॉट, व्हाट्सअप चैट और तस्वीरें बरामद कीं, जिनका इस्तेमाल वह कथित तौर पर गलत पहचान के लिए करता था।

पुलिस ने कहा कि जांच जारी है।

भाषा

शुभम राजकुमार

राजकुमार


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