दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ गिरोह का भंडाफोड़ किया, पांच करोड़ रुपये मूल्य की कोकीन और एमडीएमए बरामद

दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ गिरोह का भंडाफोड़ किया, पांच करोड़ रुपये मूल्य की कोकीन और एमडीएमए बरामद

दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ गिरोह का भंडाफोड़ किया, पांच करोड़ रुपये मूल्य की कोकीन और एमडीएमए बरामद
Modified Date: January 18, 2026 / 08:04 pm IST
Published Date: January 18, 2026 8:04 pm IST

नयी दिल्ली, 18 जनवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने दो विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी और लगभग पांच करोड़ रुपये मूल्य की कोकीन एवं एमडीएमए की जब्ती के साथ नाइजीरियाई लोगों द्वारा संचालित एक अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

पुलिस की अपराध शाखा ने शहर के विभिन्न हिस्सों में समन्वित अभियान चलाकर संबंधित गिरोह का पर्दाफाश किया।

पुलिस ने इस अभियान के दौरान 418 ग्राम कोकीन और एमडीएमए की 925 गोलियां जब्त कीं।

 ⁠

इसने कहा कि अपराध शाखा दिल्ली में सक्रिय मादक पदार्थ आपूर्तिकर्ताओं की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही थी।

पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘पिछले साल दो दिसंबर को विशिष्ट जानकारी मिली कि एक नाइजीरियाई नागरिक, जो पहले एनडीपीएस मामलों में शामिल था, ने दक्षिण दिल्ली में मादक पदार्थों की आपूर्ति फिर से शुरू कर दी है।’’

उन्होंने बताया कि एक टीम ने तकनीकी और सामान्य निगरानी शुरू की तथा पाया गया कि संदिग्ध व्यक्ति पकड़े जाने से बचने के लिए दक्षिण और दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली में लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।

अधिकारी ने कहा, ‘‘टीम ने छापेमारी कर फ्रैंक विटस उमे को गिरफ्तार किया और उसके पास से भारी मात्रा में कोकीन तथा एमडीएमए की गोलियां बरामद कीं। स्वापक औषधि और मन: प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।’’

पूछताछ के दौरान उमे ने खुलासा किया कि वह दिल्ली और आसपास के राज्यों में सक्रिय एक संगठित मादक पदार्थ आपूर्ति नेटवर्क का हिस्सा था। उसके मोबाइल फोन के तकनीकी विश्लेषण और जांच से पुलिस को एक अन्य नाइजीरियाई नागरिक, संडे ओटू तक पहुंचने में मदद मिली, जो महरौली इलाके में रह रहा था।

ओटू को उसके किराए के मकान से गिरफ्तार किया गया और उसके पास से एमडीएमए की 15 गोलियां जब्त की गईं।

पुलिस ने बताया कि उमे को ओटू मादक पदार्थ की आपूर्ति कर रहा था और स्थानीय वितरक तथा नाइजीरिया में रह रहे सरगना के बीच कड़ी का काम कर रहा था।

इसने कहा कि दोनों आरोपी कई साल पहले बिजनेस वीजा पर भारत आए थे और बाद में आर्थिक कठिनाइयों के कारण मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल हो गए।

अधिकारी ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और मादक पदार्थों के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

भाषा तान्या नेत्रपाल

नेत्रपाल


लेखक के बारे में