दिल्ली पुलिस दमकल वाहनों और एम्बुलेंस को जाम से बचाने के लिए एआई-आधारित प्रणाली लागू कर रही

दिल्ली पुलिस दमकल वाहनों और एम्बुलेंस को जाम से बचाने के लिए एआई-आधारित प्रणाली लागू कर रही

दिल्ली पुलिस दमकल वाहनों और एम्बुलेंस को जाम से बचाने के लिए एआई-आधारित प्रणाली लागू कर रही
Modified Date: June 8, 2026 / 10:09 pm IST
Published Date: June 8, 2026 10:09 pm IST

नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) दिल्ली यातायात पुलिस आपात स्थितियों के दौरान दमकल वाहनों और एम्बुलेंस के सुचारु आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए एआई-आधारित यातायात प्रबंधन और ‘रूट-मैपिंग’ प्रणाली लागू कर रही है। वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

यह कदम ऐसे वक्त उठाया जा रहा है जब हाल में मालवीय नगर के एक होटल में आग लगने से 22 लोगों की मौत हो गई। कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि यातायात जाम के कारण दमकल की गाड़ियां मौके पर देर से पहुंची।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘यातायात टीमें हजारों सीसीटीवी कैमरों की लाइव फुटेज पर नजर रखती हैं। इसके अलावा, हमारी (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) एआई-आधारित यातायात प्रबंधन प्रणाली हमें उन क्षेत्रों की सटीक जानकारी देती हैं जहां यातायात ज्यादा होता है। किसी भी आपात स्थिति में, अधिक यातायात क्षेत्रों में, हमारी प्रणाली दमकल कर्मियों और एम्बुलेंस को सबसे छोटे मार्गों से जल्दी जाने के लिए अलर्ट करेगा।’

उन्होंने कहा कि यातायात पुलिस और अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के अधिकारियों ने आपातकालीन वाहनों के लिए यातायात मुक्त गलियारे बनाने और यह सुनिश्चित करने के लिए कई उपायों पर विचार किया है कि वे कम से कम समय में प्रभावित स्थानों तक पहुंचें।

अधिकारी ने कहा, ‘इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अग्निशमन कर्मियों और एम्बुलेंस की आवाजाही व्यस्त यातायात के समय भी तेजी से हो सके। तकनीक सबसे जल्दी पहुंचने वाले मार्ग की पहचान कर सकती है और आपातकालीन सेवा से जुड़े वाहनों को जाम से बचने में मदद कर सकती है।’

एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अफसर शहर के विभिन्न हिस्सों में यातायात भार का अध्ययन कर रहे हैं और व्यस्ततम समय में जाम की अवधि का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि स्थान-विशिष्ट को लेकर प्रतिक्रिया योजना तैयार की जा सके।

अधिकारी ने कहा, ‘दिल्ली भर में यातायात की स्थिति दिन के समय के अनुसार काफी भिन्न होती है। भीड़भाड़ वाले समय और जाम वाले स्थानों की पहचान करके, हम अग्निशमन विभाग और आपातकालीन कर्मियों को वैकल्पिक मार्गों की सलाह दे सकेंगे, जिससे घटनास्थल तक पहुंचने में कोई देरी न हो।’

इस तंत्र में पुलिस और अग्निशमन सेवा के नियंत्रण कक्षों के बीच समन्वित निगरानी और किसी बड़ी आपात स्थिति की सूचना मिलने पर यातायात कर्मियों की त्वरित तैनाती भी शामिल हो सकती है।

अधिकारी ने कहा, ‘आपातकालीन स्थिति के दौरान बचाया गया हर मिनट जीवन और संपत्ति की रक्षा में महत्वपूर्ण अंतर ला सकता है।’

भाषा नोमान नोमान संतोष

संतोष


लेखक के बारे में