दिल्ली लोनिवि ने खराब मौसम में विशाल राष्ट्र ध्वजों को क्षति से बचाने के लिए उन्हें नीचे उतारा

दिल्ली लोनिवि ने खराब मौसम में विशाल राष्ट्र ध्वजों को क्षति से बचाने के लिए उन्हें नीचे उतारा

दिल्ली लोनिवि ने खराब मौसम में विशाल राष्ट्र ध्वजों को क्षति से बचाने के लिए उन्हें नीचे उतारा
Modified Date: June 6, 2026 / 06:46 pm IST
Published Date: June 6, 2026 6:46 pm IST

नयी दिल्ली, छह जून (भाषा) लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने खराब मौसम और तेज हवाओं के कारण फटने या क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें मिलने के बाद दिल्ली भर में लगे सभी 500 विशाल राष्ट्र ध्वज को उतारने का फैसला किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

लोनिवि ने दिल्ली में लगभग 500 प्रमुख स्थानों पर विशाल राष्ट्रीय ध्वज फहराए हैं।

विभाग के एक अधिकारी ने कहा, “आईएमडी की आंधी-तूफान की चेतावनी हटने के बाद हम झंडे दोबारा फहराएंगे। तेज हवाओं और खराब मौसम के कारण कई झंडे फट गए और क्षतिग्रस्त हो गए, इसलिए हमने आगे की क्षति को रोकने के लिए शहर भर के सभी झंडों को उतारने का फैसला किया है।”

एक अधिकारी के अनुसार, ये 115 फुट ऊंचे ध्वजदंड लगभग 500 स्थानों पर लगाए गए हैं। झंडों को बार-बार होने वाले नुकसान से बचाने के लिए पॉलिएस्टर सामग्री से बनाया गया है। हालांकि, ये तेज हवाओं का सामना नहीं कर सके।

राष्ट्रीय ध्वज फहराने का काम 2022 में शुरू हुआ था जब पिछली आम आदमी सरकार ने अपने ‘देशभक्ति’ बजट के तहत राष्ट्रवाद की भावना पैदा करने के लिए पूरे शहर में तिरंगे फहराने की पहल की घोषणा की थी।

एक अन्य अधिकारी ने कहा, “हमारी टीमें मौके पर मौजूद हैं और यह जांच कर रही हैं कि कहीं कोई झंडा क्षतिग्रस्त तो नहीं है। हम उन्हें सही-सलामत झंडों से बदल देंगे, क्योंकि ये बड़े झंडे हैं। इसमें कुछ समय लग रहा है।”

इन झंडों को लगाते समय विभाग ने भारत के ध्वज संहिता के 2002 के नियमों को ध्यान में रखा है, जो राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन से संबंधित कानूनों और प्रथाओं से संबंधित हैं।

भाषा

प्रशांत पवनेश

पवनेश


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