दिल्ली यातायात पुलिस व अग्निशमन विभाग आपात सेवा के वाहनों की सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करने में जुटे

दिल्ली यातायात पुलिस व अग्निशमन विभाग आपात सेवा के वाहनों की सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करने में जुटे

दिल्ली यातायात पुलिस व अग्निशमन विभाग आपात सेवा के वाहनों की सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करने में जुटे
Modified Date: June 8, 2026 / 06:38 pm IST
Published Date: June 8, 2026 6:38 pm IST

नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) दिल्ली यातायात पुलिस और दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) आपात स्थितियों के दौरान दमकल वाहनों और एम्बुलेंस के सुचारु आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक रणनीति पर संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

हाल ही में आग लगने की कई बड़ी घटनाओं और चिकित्सकीय आपात स्थितियों के दौरान टीमों को यातायात जाम के कारण मौके पर पहुंचने में देरी का सामना करना पड़ा। इसके मद्देनजर यह पहल शुरू की गई है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों विभागों के अधिकारियों ने पहले ही चर्चा शुरू कर दी है और आपातकालीन वाहनों की त्वरित आवाजाही को सुगम बनाने के लिए कई तरीकों पर विचार कर रहे हैं ताकि वे प्रभावित स्थानों तक कम से कम समय में पहुंच सकें।

अधिकारी ने कहा,‘‘इसका उद्देश्य आपात स्थितियों के दौरान एक सुगम प्रतिक्रिया तंत्र बनाना है। दोनों विभागों के अधिकारी विभिन्न यातायात पैटर्न और परिचालन आवश्यकताओं का अध्ययन कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि घटना की सूचना मिलने के बाद अग्निशमन वाहन और एम्बुलेंस यातायात जाम में न फंसें।’

अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली पुलिस की मौजूदा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित यातायात प्रबंधन प्रणाली और मार्ग-मानचित्रण क्षमताएं इस कवायद में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

अधिकारी ने कहा, ‘यह तकनीक यातायात के मार्ग परिवर्तन की वास्तविक समय में योजना बनाने में भी सहायता करेगी ताकि सामान्य यातायात की आवाजाही कम से कम प्रभावित हो, जबकि आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता दी जाए।’

एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अफसर शहर के विभिन्न हिस्सों में यातायात भार का अध्ययन कर रहे हैं और व्यस्ततम समय में जाम की अवधि का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि स्थान-विशिष्ट को लेकर प्रतिक्रिया योजना तैयार की जा सके।

अधिकारी ने कहा, ‘दिल्ली भर में यातायात की स्थिति दिन के समय के अनुसार काफी भिन्न होती है। भीड़भाड़ वाले समय और जाम वाले स्थानों की पहचान करके, हम अग्निशमन विभाग और आपातकालीन कर्मियों को वैकल्पिक मार्गों की सलाह दे सकेंगे, जिससे घटनास्थल तक पहुंचने में कोई देरी न हो।’

भाषा नोमान नोमान संतोष

संतोष


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