दिल्ली तुर्कमान गेट हिंसा : छह और लोग गिरफ्तार, अब तक कुल 11 आरोपी पुलिस के शिकंजे में

दिल्ली तुर्कमान गेट हिंसा : छह और लोग गिरफ्तार, अब तक कुल 11 आरोपी पुलिस के शिकंजे में

दिल्ली तुर्कमान गेट हिंसा : छह और लोग गिरफ्तार, अब तक कुल 11 आरोपी पुलिस के शिकंजे में
Modified Date: January 8, 2026 / 04:26 pm IST
Published Date: January 8, 2026 4:26 pm IST

नयी दिल्ली, आठ जनवरी (भाषा) दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अदालत के आदेश पर चलाए गए अतिक्रमण-रोधी अभियान के दौरान हुई हिंसा और पत्थरबाजी के सिलसिले में छह और लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों को हिरासत में ले चुकी है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।

इस हिंसा के सिलसिले में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान अफान, आदिल, शाहनवाज, हमजा, अथर और उबेद के रूप में हुई है, ये सभी तुर्कमान गेट इलाके के निवासी हैं।

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अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (मध्य दिल्ली) निधिन वलसन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमने छह और लोगों को गिरफ्तार किया है। अब तक एक नाबालिग समेत कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।’’

उन्होंने कहा कि इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की पर्याप्त तैनाती की गई है।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

दिल्ली के रामलीला मैदान इलाके में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण-रोधी अभियान के दौरान उस वक्त हिंसा भड़क गई, जब कई लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके, जिससे इलाके के थाना प्रभारी सहित पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, हालात उस समय बिगड़ गए जब सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया गया कि तुर्कमान गेट के सामने स्थित मस्जिद को अतिक्रमण-रोधी अभियान के दौरान ध्वस्त किया जा रहा है, और लोग वहां इकट्ठा होने लगे।

उन्होंने दावा किया कि पुलिस और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के कर्मचारियों पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकने में 150 से 200 लोग शामिल थे।

एमसीडी के उपायुक्त विवेक कुमार ने स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान लगभग 36,000 वर्ग फुट अतिक्रमित जमीन को खाली कराया गया था, जहां एक निदान केंद्र और ‘बैंक्वेट हॉल’ समेत कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को ध्वस्त कर दिया गया, लेकिन मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया।

भाषा रवि कांत सुरेश

सुरेश


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