उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने पलामेडु में जल्लीकट्टू प्रतियोगिता का उद्घाटन किया

उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने पलामेडु में जल्लीकट्टू प्रतियोगिता का उद्घाटन किया

उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने पलामेडु में जल्लीकट्टू प्रतियोगिता का उद्घाटन किया
Modified Date: January 16, 2026 / 03:39 pm IST
Published Date: January 16, 2026 3:39 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

मदुरै (तमिलनाडु), 16 जनवरी (भाषा) तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने शुक्रवार को मदुरै के पास पलामेडु में मंजामलाई नदी तट पर जल्लीकट्टू प्रतियोगिता का उद्घाटन किया।

अवनियापुरम में इस प्रतियोगिता के उद्घाटन के बाद पलामेडु में तीन प्रमुख पोंगल आयोजनों में से दूसरे के प्रारंभ होने के साथ ही मदुरै में सांड को काबू में करने का खेल चरम पर पहुंच गया।

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अधिकारियों के अनुसार, आज के आयोजन में 1,000 से अधिक सांड और सांड को काबू में करने वाले लगभग 500 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 2,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

शुक्रवार के आयोजन के लिए भी सांड को काबू करने वाले सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागी और सर्वश्रेष्ठ सांड के मालिक को क्रमशः एक कार और एक ट्रैक्टर जीतने का मौका मिलेगा, जो द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेतृत्व द्वारा प्रायोजित है।

सीजन का पहला मुकाबला 15 जनवरी को समाप्त हुआ, जिसमें वलयनकुलम के बालमुरुगन विजेता बनकर उभरे।

बालमुरुगन ने 22 सांडों को काबू में करके मुख्यमंत्री पुरस्कार जीता। अवनियापुरम के जी आर कार्तिक ने 17 सांडों को काबू में करके दूसरा स्थान हासिल किया और उन्हें एक मोटरसाइकिल मिली।

जल्लीकट्टू का भव्य समापन समारोह 17 जनवरी को अलंगनल्लूर में आयोजित किया जाएगा और इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन करेंगे।

मदुरै क्षेत्र के मूल निवासी एवं लोकप्रिय अभिनेता सूरी ने कार्यक्रम शुरू होने के कुछ ही समय बाद वहां पहुंचकर शुक्रवार के कार्यक्रम में जोश भर दिया।

पलामेडु में कार्यक्रम स्थल से बाहर निकलते समय ‘पीटीआई-वीडियो’ से बात करते हुए अभिनेता ने सांड पकड़ने के इस पारंपरिक खेल के प्रति अपने गहरे भावनात्मक जुड़ाव को व्यक्त किया और इसे तमिल पहचान का एक आवश्यक प्रतीक बताया।

सूरी ने कहा, ‘‘मैं इसे बहुत गर्व की बात मानता हूं। मुझे अपने पूर्वजों द्वारा दी गई उस पहचान का हिस्सा होने पर बहुत गर्व महसूस होता है- एक ऐसी पहचान जो हमारी मिट्टी और हमारी विरासत में गहराई से निहित है।’’

अभिनेता ने इस महत्वपूर्ण आयोजन के सुचारू संचालन की भी सराहना की। उन्होंने कहा, ‘‘व्यवस्थाएं बहुत अच्छी हैं। इसे बेहतरीन तरीके से अंजाम दिया गया है।’’

वादिवसल में सूरी की उपस्थिति मंजमलाई नदी के किनारे एकत्रित हजारों प्रशंसकों के लिए एक मुख्य आकर्षण साबित हुई।

भाषा गोला दिलीप

दिलीप


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