शशिकला की नई पार्टी की तुलना दिनाकरन ने ‘इंस्टेंट सांभर-इडली’ से की

शशिकला की नई पार्टी की तुलना दिनाकरन ने ‘इंस्टेंट सांभर-इडली’ से की

शशिकला की नई पार्टी की तुलना दिनाकरन ने ‘इंस्टेंट सांभर-इडली’ से की
Modified Date: February 25, 2026 / 12:59 pm IST
Published Date: February 25, 2026 12:59 pm IST

चेन्नई, 25 फरवरी (भाषा) अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (एएमएमके) के नेता टी टी वी दिनाकरन ने अपनी मौसी वी के शशिकला द्वारा नई राजनीतिक पार्टी शुरू किए जाने पर तंज कसते हुए इसे “इंस्टेंट सांभर” और “इंस्टेंट इडली” जैसा बताया और कहा कि इससे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की चुनावी संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता की 24 फरवरी को 78वीं जयंती पर रामनाथपुरम जिले के कमुथी में आयोजित कार्यक्रम में शशिकला ने अपनी नई पार्टी की घोषणा कर राजनीति में वापसी की।

उन्होंने अपनी पार्टी का झंडा जारी किया, जिस पर पूर्व मुख्यमंत्रियों सी एन अन्नादुरै, एम जी रामचंद्रन और जे जयललिता की तस्वीरें हैं। साथ ही उन्होंने अन्नाद्रमुक के महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी पर निशाना साधा, जिन्होंने उन्हें पार्टी से निष्कासित किया था।

शशिकला के इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए एएमएमके महासचिव दिनाकरन ने संवाददाताओं से कहा, “लोकतंत्र में कोई भी पार्टी शुरू कर सकता है। आजकल कई नई पार्टियां इंस्टेंट सांभर और इंस्टेंट इडली की तरह अचानक सामने आ रही हैं।”

उन्होंने दावा किया कि “अम्मा” (जयललिता) के सच्चे अनुयायियों को एकजुट होकर अम्मा की सरकार बनाने से कोई नहीं रोक सकता।

तिरुनेलवेली में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, “अम्मा के सभी सच्चे अनुयायी—एएमएमके और अन्नाद्रमुक—आगामी विधानसभा चुनाव का सामना करने के लिए मजबूती से एकजुट हैं। हम राज्य में अम्मा का शासन स्थापित करेंगे।”

बिना किसी का नाम लिए दिनाकरन ने कहा कि जो लोग अब तक राज्य में अम्मा का शासन स्थापित करने का दावा करते रहे, उनके “असली रंग” अब सामने आ गए हैं।

शशिकला की बहन वनितामणि के पुत्र दिनाकरन ने 2017 में अन्नाद्रमुक में पैदा हुए संकट के संदर्भ में अपनी मौसी का बचाव किया और दावा किया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के दबाव में इस्तीफा दिया था, न कि शशिकला के कारण।

अगस्त 2017 में पन्नीरसेल्वम और पलानीस्वामी ने शशिकला और दिनाकरन दोनों को अन्नाद्रमुक से निष्कासित कर दिया था। बाद में जुलाई 2022 में पार्टी पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करने के बाद पलानीस्वामी ने पन्नीरसेल्वम को भी पार्टी से हटा दिया।

जयललिता की पूर्व विश्वासपात्र शशिकला ने तमिलनाडु चुनाव से कुछ महीने पहले नई पार्टी की घोषणा करते हुए कहा, “हम एक नए राजनीतिक अध्याय के साक्षी बनने जा रहे हैं। मैंने स्पष्ट निर्णय लिया है। यह तमिलनाडु, उसके लोगों और हमारे कार्यकर्ताओं के हित में है। हम एक नई द्रविड़ पार्टी शुरू करने जा रहे हैं।”

दिसंबर 2016 में जयललिता के निधन के बाद की घटनाओं का जिक्र करते हुए शशिकला ने कहा कि उन्होंने ही पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री बनाया था और 2016-21 की पार्टी सरकार को अस्थिरता से बचाने के लिए सावधानी बरती थी।

उन्होंने आरोप लगाया “जिन्हें मैंने मुख्यमंत्री बनाया, उसी व्यक्ति ने मुझे कागज के टुकड़े की तरह पार्टी से बाहर कर दिया। मैं अपना गुस्सा जाहिर नहीं करती, यह मैंने थलैवर (एमजीआर) से सीखा है।”

पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम के बारे में उन्होंने कहा कि पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद ‘धर्म युद्ध’ छेड़ने का उनका फैसला ही उनके लिए समस्याओं का कारण बना, जिसका असर आज तक जारी है।

भाषा मनीषा मोना

मोना


लेखक के बारे में