क्या पीएलए ने भारतीय सेना की गश्त रोकी : ओवैसी ने राजग सरकार से पूछा

क्या पीएलए ने भारतीय सेना की गश्त रोकी : ओवैसी ने राजग सरकार से पूछा

क्या पीएलए ने भारतीय सेना की गश्त रोकी : ओवैसी ने राजग सरकार से पूछा
Modified Date: August 17, 2026 / 02:12 pm IST
Published Date: August 17, 2026 2:12 pm IST

हैदराबाद, 17 अगस्त (भाषा) ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को अरुणाचल प्रदेश में चीन सीमा पर ‘‘स्थिति’’ को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार से कई सवाल पूछे। उन्होंने इसमें चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठाए।

उन्होंने पूछा कि क्या पीएलए ने भारतीय सेना के गश्ती दल को उस क्षेत्र में जाने से रोक दिया है, जहां भारतीय सैनिक अब तक नियमित रूप से गश्त करते रहे हैं।

ओवैसी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पूछा कि क्या भारतीय क्षेत्र में हमारी सेना की गश्ती टीम द्वारा बनाए गए अस्थायी ढांचे को पीएलए ने नष्ट कर दिया है।

उन्होंने पूछा, ‘‘क्या पीएलए ने उस इलाके में तंबू लगाए हैं, जहां पहले हमारी गश्ती टीमें जाती थीं और जो स्पष्ट रूप से भारतीय क्षेत्र है?’’

उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार सेना पर इस बात के लिए दबाव डाल रही है कि वह उस क्षेत्र में गश्त के अधिकार को मजबूती से बनाए रखने पर जोर न दे, जहां चीन कथित तौर पर परेशानी पैदा कर रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि सरकार अगले महीने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की दिल्ली यात्रा के लिए सामान्य माहौल दिखाना चाहती है।

ओवैसी ने यह भी पूछा कि क्या मोदी सरकार ने देश की जनता को चीन के साथ सीमा पर होने वाली घटनाओं से अनजान रखने का फैसला किया है, ‘‘जैसा कि उसने 2017 में डोकलाम और 2020 में लद्दाख में किया गया था।’’

उन्होंने कहा कि वह ‘‘मोदी सरकार की लगातार चुप्पी’’ को देखते हुए एक बार फिर ये सवाल पूछ रहे हैं।

ओवैसी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कहना चाहते हैं कि सरकारें आती-जाती रहती हैं और प्रधानमंत्री भी आते-जाते रहते हैं, लेकिन भारत की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि देश की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता सर्वोपरि है।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा


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