एसकेएस इस्पात एंड पावर लिमिटेड के निदेशक को कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले के मामले में सजा सुनाई गई

एसकेएस इस्पात एंड पावर लिमिटेड के निदेशक को कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले के मामले में सजा सुनाई गई

एसकेएस इस्पात एंड पावर लिमिटेड के निदेशक को कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले के मामले में सजा सुनाई गई
Modified Date: January 13, 2026 / 03:44 pm IST
Published Date: January 13, 2026 3:44 pm IST

नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) सीबीआई की एक विशेष अदालत ने एसकेएस इस्पात एंड पावर लिमिटेड, उसके निदेशक दीपक गुप्ता और अन्य को मध्य प्रदेश में कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित धोखाधड़ी के सिलसिले में दोषी ठहराया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

यह कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले के मामलों में दोषसिद्धि का 20वां मामला है।

विशेष अदालत ने सोमवार को अपने आदेश में गुप्ता को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई और उन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। उसने सत्यनारायण द्विवेदी को दो साल की जेल और 20,000 रुपये जुर्माने तथा अमृत सिंह को एक साल के कारावास और 10,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

 ⁠

एसकेएस इस्पात एंड पावर लिमिटेड पर अदालत ने 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

सीबीआई ने 4 अगस्त 2014 को आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप था कि कंपनी के निदेशक और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता ने मध्य प्रदेश में रावनवाड़ा नॉर्थ कोल ब्लॉक पाने के लिए आवेदन और फीडबैक फॉर्म में कुल वित्तीय संपत्ति, उत्पादन क्षमता, कंपनी के स्वामित्व वाली जमीन और पर्यावरण मंजूरियों के बारे में झूठे और भ्रामक दावे किए थे।

सीबीआई प्रवक्ता ने बयान में कहा, ‘‘जांच के बाद सीबीआई ने आरोपी एसकेएस इस्पात लिमिटेड (अब मैसर्स एसकेएस इस्पात एंड पॉवर लिमिटेड) के खिलाफ उसके निदेशक दीपक गुप्ता, सत्यनारायण द्विवेदी और अमृत सिंह के माध्यम से 31 अगस्त, 2016 को आरोप पत्र दायर किया था। अदालत ने सुनवाई के बाद इन आरोपियों को दोषी करार दिया और सजा सुनाई।’’

भाषा वैभव दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में