द्रमुक ने राष्ट्रपति शासन रोकने के लिए सहयोगियों को टीवीके का समर्थन करने की अनुमति दी: स्टालिन
द्रमुक ने राष्ट्रपति शासन रोकने के लिए सहयोगियों को टीवीके का समर्थन करने की अनुमति दी: स्टालिन
चेन्नई, छह जून (भाषा) द्रमुक प्रमुख एम. के. स्टालिन ने शनिवार को दावा किया कि उनकी पार्टी ने गठबंधन सहयोगियों को तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) का समर्थन करने की अनुमति केवल राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने से रोकने के एकमात्र उद्देश्य से दी थी।
स्टालिन ने यहां आयोजित एक समारोह में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) में शामिल हुए ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए कहा, ‘जब उन्होंने (गठबंधन दलों ने) मुझे अपनी योजनाओं के बारे में बताया तो मैंने उनसे कहा, आप जा सकते हैं, यह आपकी पसंद और आपका लोकतांत्रिक अधिकार है; मैं आपको नहीं रोकूंगा। मैंने उन्हें केवल राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने से रोकने के एकमात्र उद्देश्य से जाने दिया क्योंकि इससे तमिलनाडु में भाजपा के शासन का मार्ग प्रशस्त हो सकता था।’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यह सरकार आज उन दलों के समर्थन की बदौलत चल रही है जो हमारे गठबंधन का हिस्सा थे, वे दल जिन्होंने हमारे साथ इसलिए हाथ मिलाया था क्योंकि उनका मानना था कि द्रमुक को सत्ता में आना चाहिए।’
स्टालिन ने कहा कि गठबंधन दलों के नेताओं ने खुद विभिन्न स्थानों पर यह कहा है कि उन्होंने द्रमुक अध्यक्ष को टीवीके को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने के बारे में सूचित किया था।
अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके को 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों में 234 सदस्यीय सदन में 108 सीट (बहुमत से 10 सीट कम) पर जीत मिली।
द्रमुक के सहयोगी भाकपा, माकपा, वीसीके और आईयूएमएल को दो-दो सीट मिलीं और उन्होंने टीवीके को समर्थन दिया। पांच सीट जीतने वाली कांग्रेस ने द्रमुक से गठबंधन तोड़कर विजय को समर्थन दिया।
भाषा
शुभम माधव
माधव

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