डॉक्टरों ने लड़की की गर्दन से 3.5 किलोग्राम की रसौली निकाली, दर्द की वजह से छोड़ना पड़ा था स्कूल

डॉक्टरों ने लड़की की गर्दन से 3.5 किलोग्राम की रसौली निकाली, दर्द की वजह से छोड़ना पड़ा था स्कूल

डॉक्टरों ने लड़की की गर्दन से 3.5 किलोग्राम की रसौली निकाली, दर्द की वजह से छोड़ना पड़ा था स्कूल
Modified Date: November 29, 2022 / 08:59 pm IST
Published Date: February 17, 2021 7:40 am IST

बेंगलुरु, 17 फरवरी (भाषा) बेंगलुरु में डॉक्टरों ने 15 साल की एक लड़की की गर्दन से 3.5 किलोग्राम की रसौली सफलतापूर्वक निकाली। यह रसौली सुरभि बेन के गर्दन से लेकर छाती तक फैली हुई थी और पिछले एक दशक से ज्यादा समय से वह उससे परेशान थी। डॉक्टरों ने इसकी पहचान ‘फाइब्रोमेटोसिस’ के रूप में की है।

‘एस्टर सीएमआई अस्पताल’ में 21 डॉक्टरों की एक टीम ने फुटबॉल के आकार की रसौली हटाई।
Read More News:  SDM ने जनपद पंचायत व BRS कार्यालय का किया औचक निरीक्षण, 45 में से सीओ सहित 23 कर्मचारी मिले नदारद

मंगलवार को अस्पताल ने एक बयान में बताया कि वह अपना जीवन अब सामान्य तौर पर जी सकती हैं।

सुरभि बेन का जन्म गुजरात के अमरेली जिले में खेतिहर मजदूर परिवार में हुआ था। वह जब बच्ची ही थी तभी उनके माता-पिता ने उनके चेहरे के आसपास गांठ देखी थी। बाद में यह उसके पूरे गर्दन तक पसर गई।

Read More News: मेडिकल बुलेटिन: छत्तीसगढ़ में एक्टिव मरीजों की संख्या हुई 3 हजार से कम, आज 6 संक्रमितों की मौत

सुरभि के परिवार ने कई डॉक्टरों को दिखाया। डॉक्टरों ने उन्हें बड़े शहरों के डॉक्टरों से ऑपरेशन के लिए संपर्क करने को कहा था।

परिवार की आर्थिक स्थिति की वजह से इलाज का खर्चा उठा पाना संभव नहीं था और ऐसे में परिवार को बस किसी चमत्कार की उम्मीद ही रह गई थी।

सुरभि ने बताया कि वह रसौली की वजह से कहीं जाने की स्थिति में नहीं थी। गर्दन में बेहद दर्द की वजह से पिछले साल उसे स्कूल भी छोड़ना पड़ा।
Read More News: मौत की नहर…हादसे से कहर! शुरू हुई सियासत, कांग्रेस ने पूछा- 32 सीटर बस में क्षमता से अधिक लोग

‘न्यूजलायन्स’ ने क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म ‘मिलाप’ के साथ मिलकर क्राउडफंडिग (ऑनलाइन दान जुटाना) के जरिए 70 लाख रुपये से ज्यादा की राशि जमा की और सुरभि का इलाज शुरू हो सका।


लेखक के बारे में