डॉ. चंदन तिवारी को मिला प्रथम ‘आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी शोध सम्मान’
डॉ. चंदन तिवारी को मिला प्रथम 'आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी शोध सम्मान'
नयी दिल्ली, आठ मार्च (भाषा) राजस्थान के एक महाविद्यालय में सहायक प्रोफेसर डॉ. चंदन तिवारी के शोध प्रबंध ‘आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का भाषा चिंतन’ को प्रथम आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी शोध सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह जानकारी रविवार को एक बयान में दी गई।
बयान के मुताबिक, शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में यह पुरस्कार आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा प्रदान किया गया।
इसमें कहा गया है कि राजकीय महाविद्यालय सलूंबर के सहायक प्रोफेसर डॉ. तिवारी को सम्मान स्वरूप स्मृति चिन्ह, सर्टिफिकेट, आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का साहित्य और 21 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की गई।
बयान के अनुसार, इसके अतिरिक्त राजकमल प्रकाशन द्वारा डॉ तिवारी के शोध प्रबंध पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
इस अवसर पर प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी ने अपने गुरु आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी को याद करते हुए कहा, ‘पंडित जी का पूरा साहित्य और आलोचना शोध पर आधारित है। वह सदैव अपने छात्रों को शोध की गहराई में उतरने के लिए प्रेरित करते थे। उनका मानना था कि विषय में जितना डूबोगे, उतने ही मोती पाओगे”
वहीं, समारोह में साहित्यकार एवं प्रसिद्ध हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा ने चुटकी लेते हुए कहा, “कवि पसीने पर कविता लिखता है, जिसे पसीना बहाने वाला समझ नहीं पाता, लेकिन हम जैसे लोगों को उसे समझने के लिए पसीना बहाना पड़ता है।’
हिन्दी के निबन्धकार, आलोचक और उपन्यासकार हजारी प्रसाद द्विवेदी का 19 मई 1979 को निधन हो गया था।
भाषा नरेश
नरेश

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