Vande Bharat: द हेग में गूंजा ‘भारत माता की जय’! डच कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत के साथ किया PM मोदी का स्वागत, यहां देखें मंत्रमुग्ध कर देने वाली तस्वीरें

द हेग में गूंजा 'भारत माता की जय'! डच कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत के साथ किया PM मोदी का स्वागत, Dutch artists welcome PM Modi with Indian classical music

Vande Bharat: द हेग में गूंजा ‘भारत माता की जय’! डच कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत के साथ किया PM मोदी का स्वागत, यहां देखें मंत्रमुग्ध कर देने वाली तस्वीरें
Modified Date: May 17, 2026 / 12:36 am IST
Published Date: May 17, 2026 12:25 am IST

नई दिल्लीः Vande Bharat प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीदरलैंड दौरे से एक बेहद खूबसूरत और गर्व महसूस कराने वाली तस्वीर सामने आई है। द हेग शहर में पीएम मोदी के स्वागत के लिए डच कलाकारों ने कुछ ऐसा किया, जिसने हर भारतीय का दिल जीत लिया। विदेशी धरती पर न सिर्फ ‘भारत माता की जय’ के नारे गूंजे, बल्कि डच कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की ऐसी प्रस्तुति दी कि हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया।

Vande Bharat नीदरलैंड की धरती और सुर भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत में डच कलाकारों ने कुछ ऐसा समां बांधा कि हर कोई देखता रह गया। इन विदेशी कलाकारों ने पूरी शुद्धता के साथ राग दुर्गा पर आधारित भजन ‘साधो रामा अनुपम बानी’ की बेहद खूबसूरत प्रस्तुति दी। इस खास स्वागत समारोह के दौरान सिर्फ गायन ही नहीं, बल्कि भारतीय वाद्य यंत्रों की जुगलबंदी भी देखने को मिली। डच कलाकारों ने तानपुरा, बांसुरी, वायलिन और तबले पर ऐसी थाप दी, जिसने नीदरलैंड में भारत के सांस्कृतिक वैभव की अमिट छाप छोड़ दी।

सांस्कृतिक स्वागत के बाद बारी थी प्रधानमंत्री के संबोधन की। नीदरलैंड के ‘द हेग’ शहर में जैसे ही पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करना शुरू किया, प्रवासियों का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया। पूरा हॉल ‘भारत माता की जय’ के नारों और तालियों की गूंज से सराबोर हो गया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने दुनिया के मौजूदा हालातों पर गहरी चिंता भी जताई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ये दशक आपदाओं का दशक बन गया है। इस दौरे के दौरान पीएम मोदी ने नीदरलैंड के राजा किंग विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से भी शिष्टाचार मुलाकात की.. कुल मिलाकर पीएम मोदी का ये दौरा कूटनीतिक कामयाबी के साथ-साथ सांस्कृतिक रिश्तों की एक नई इबारत लिख गया।


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।